1947 में बिछड़े दो जिगरी दोस्त अब 74 साल बाद मिले, मोहम्मद बशीर और गोपाल ने कभी सोचा भी नही था…

November 24, 2021 by No Comments

किसी भी शख्स की जिंदगी का बचपन एक ऐसा पड़ाव होता है। जिसकी यादें हमारे म’रने तक साथ में रहती हैं। खासकर बचपन के दोस्त और जिन लोगों के साथ हम इसे बिताते हैं उनके साथ जुड़ी यादें हमेशा हमारे जेहन में रहती हैं।

साल 1947 में जब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था। तो कई लोगों ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को खोया। उन्हीं में से एक है सरदार गोपाल सिंह और मोहम्मद बशीर। लेकिन किस्मत ने इन दोनों को 74 साल बाद मिलवाया। जब यह दोनों दोस्त करतारपुर के गुरुद्वारा साहिब में मिले तो एक दूसरे को देखकर भावुक हो गए।

दोनों दोस्त मिलने के बाद बेहद भावुक हुए। इनके पास में लोग खड़े थे, वे भी भावुक हो गए। पाकिस्तान के घर वालों में रहने वाले 91 साल के मोहम्मद बशीर को यह नहीं पता था कि वह भारत में रहने वाले अपने दोस्त गोपाल से कभी इस तरह मिल पाएंगे। वहीँ उनके दोस्त गोपाल की उम्र 94 साल की थी।

94 साल की उम्र में सरदार गोपाल के लिए भी बशीर से इस तरह मिलना भावुक करने वाला रहा। ये कहानी वाकई में मर्मस्पर्शी है। यह मौका इतना भावुक था कि वहां मौके पर मौजूद भारतीय तीर्थयात्री और पाकिस्तानी नागरिकों के आंखें भर आई।

 

सभी लोगों ने विभाजन के दौरान अलग हुए इन दो दोस्तों की मुलाकात पर खुशी भी जताई। भारत, पाकिस्तान और दुनिया के दूसरे देशों से पहुंचे तीर्थयात्रियों ने इन दोनों दोस्तों को बधाईयां दी। दोनों पुराने दोस्तों ने अपने बचपन और जवानी के किस्से भी सुनाए।

इस मामले में बात करते हुए गोपाल सिंह ने बताया कि पाकिस्तान बनने के दौरान दोनों ही नौजवान थे। मोहम्मद बशीर ने बताया कि बंटवारे से पहले भी वह दोनों बाबा गुरु नानक के गुरुद्वारे जाया करते थे। इन दोनों दोस्तों ने दोपहर का भोजन एक साथ किया जाए। गोपाल सिंह ने करतारपुर कॉरिडोर के प्रोजेक्ट पर खुशी जाहिर करते हुए दोनों देशों की सरकारों को इसके लिए धन्यवाद किया है।

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