शुभेंदु अधिकारी के हाथ से जा सकती है नंदीग्राम सीट, ममता बनर्जी का बड़ा दांव…

June 19, 2021 by No Comments

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सबसे हाई प्रोफाइल सीट थी नंदीग्राम। जहां से तृणमूल कांग्रेस की तरफ से ममता बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी की तरफ से शुभेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था। जब इस सीट पर हुए चुनाव के नतीजे घोषित किए गए तो पहले ममता बनर्जी की जीत दिखाई जा रही थी।

बाद में अचानक भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी कीमतों में इजाफा होने लगा और नंदीग्राम से उनकी जीत घोषित कर दी गई। नंदीग्राम सिर को लेकर अभी भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार भाजपा पर तरह-तरह के आरोप लगा रही हैं। उन्होंने नंदीग्राम में चुनावी परिणाम के बाद अब कोलकाता हाई कोर्ट का रुख कर लिया है।

शुभेंदु अधिकारी की नंदीग्राम सीट से जीत को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने कोलकाता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जिस पर आज सुनवाई होने वाली है बीते दिनों पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस राज्य में 200 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब हुई थी। लेकिन ममता बनर्जी खुद नंदीग्राम सीट से हार गई।

जिसके बाद से ही वह नंदीग्राम के चुनाव नतीजों को लेकर आरोप लगा रही हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आरोप है कि नंदीग्राम की जनता के फैसले को वह स्वीकार करती हैं। लेकिन मतगणना में भारी गड़बड़ी की गई है। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम सीट पर वोटिंग के दौरान भारी गड़बड़ी हुई। जिसके बाद वह इस मामले को कोर्ट में चुनौती देंगी।

उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजे के ऐलान के बाद कुछ मैनिपुलेशन की गई। जिसका वह बहुत ही जल्द खुलासा करेंगी। उन्होंने कहा कि चुनावी रुझान आने के बाद साथ ही शुभेंदु अधिकारी बढ़त बनाए हुए थे। हालांकि 16 वे राउंड की गिनती के दौरान ममता बनर्जी शुभेंदु अधिकारी से आगे चल रही थी। लेकिन ऐन मौके पर शुभेंदु अधिकारी जीत गए।

बता दें कि नंदीग्राम सीट से शुभेंदु अधिकारी की जीत के बाद वह बंगाल में बीजेपी की तरफ से विपक्ष के नेता हैं और अभी हाल ही में चक्रवाती तूफान यास को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्होंने मुलाकात की थी।

इस दौरान बंगाल से ममता बनर्जी बैठक में देरी से पहुंची थी। जिसका उन्हें स्पष्टीकरण भी दिया था। वहीं उन्होंने आरोप लगाया था कि यह बैठक प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच होनी चाहिए थी। जिसमें नेता प्रतिपक्ष का कोई भी काम नहीं था। जबकि इस मामले पर केंद्र सरकार की तरफ से बयान देकर कहा गया कि यह प्रथा अन्य राज्यों में भी इसी तरह से चल रही है।

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