मुसलमानों की सबसे बड़ी आबादी वाले इस देश मे अज़ान को लेकर होने जा रहा है बड़ा फैसला…

November 24, 2021 by No Comments

दुनिया भर के कई देशों में अजान को लेकर के बाहर विवाद हो चुके हैं। मस्जिदों में लाउडस्पीकर के जरिए अजान को लेकर कई बार लोगों द्वारा विरोध किया जा चुका है। इसी बीच इंडोनेशिया की सर्वोच्च मुस्लिम क्लेरिकल काउंसिल ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर दिशा-निर्देशों की समीक्षा कर गौर करवाने का फैसला लिया है।

दरअसल बीते कुछ समय से इस देश में कई लोग लाउडस्पीकर्स को लेकर शिकायतें कर रहे थे। देश के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने साल 1978 में एक फरमान जारी किया गया था जो की मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के उपयोग पर दिशा-निर्देश के रूप में काम करता है। 

लोगों की लगातार शिकायतों के बाद इस महीने की शुरुआत में जारी किए गए फतवे में, इंडोनेशियाई उलेमा काउंसिल ने कहा कि वर्तमान सामाजिक गतिशीलता और बढ़ती परेशानियों को रोकने के लिए इन दिशानिर्देशों को लेकर एक बार फिर विचार किया जा रहा है।

गौरतलब है कि इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश है जहां लगभग 6,25,000 मस्जिदें हैं। इंडोनेशिया में 27 करोड़ की आबादी में से 80 फीसदी आबादी मुसलमानों की है। इंडोनेशिया में ज्यादातर मस्जिदें अजान के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करती हैं। जिनमें से कई लाउडस्पीकर के स्पीकर अच्छे नहीं हैं। इसके चलते लोग ध्वनि प्रदूषण की शिकायत करने लगे हैं।

इस मामले में इंडोनेशिया के उपराष्ट्रपति मारू को अमीन के प्रवक्ता अरब न्यूज़ के साथ बातचीत करते हुए कहा है कि धार्मिक विद्वानों ने मस्जिदों के लाउडस्पीकर के अनियंत्रित इस्तेमाल को लेकर लोगों द्वारा जाहिर की जा रही चिंता पर गौर किया है।

उनका कहना है कि हमने यह ध्यान दिया है कि यह एक बहुत बड़ी समस्या बन गई है। खासतौर पर शहरी स्थानों में लाउडस्पीकर से के लिए, अब गाइडलाइंस दी गई हैं। लेकिन इनका ठीक से पालन नहीं किया जा रहा।

वहीं, इंडोनेशिया के धार्मिक मामलों के मंत्री याकूत चोलिल कुमास ने इस आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों के प्रबंधन के लिए लाउडस्पीकरों का ज्यादा विवेक और सावधानी से उपयोग जरूरी हो चुका है।

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