नागरिकता संशोधन कानून-CAA को लेकर गृह मंत्रालय ने दिया ये जवाब, दो साल में पांच बार…

January 11, 2022 by No Comments

साल 2019 में लाए गए ना’गरिकता सं’शोधन कानून और एनआरसी को लेकर समुदाय विशेष के लोगों द्वारा जमकर वि’रोध जताया गया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा ना’गरिकता संशोधन वि’धेयक के का’नून बन जाने के 2 साल बाद भी इसे लेकर अब तक कोई नियम नहीं बनाया गया है।

इस मामले में अब एक बार फिर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाले मंत्रालय ने नागरिकता संशोधन कानून के नियमों को तैयार करने के लिए संसदीय स’मितियों से समय मांगा है।

नागरिकता संशोधन कानून को 11 दिसंबर 2019 को संसद में पारित किया गया था इसे अगले ही देना देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा मंजूरी भी दे दी गई थी। इसके बाद गृह मंत्रालय ने इसे अधिसूचित किया था। हालांकि अभी भी कानून के लागू होने में समय है। क्योंकि नागरिकता संशोधन कानून के तहत नियम बनाए जाने अभी बाकी है।

गौरतलब है कि ना’गरिकता सं’शोधन कानून के जरिए केंद्र सरकार ने बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आएंगे और मुसलमानों को भारतीय नागरिकता देने का ऐलान किया था। हालांकि इसके अ’नुसू’चित होने के बाद से ही नियम बनाने के लिए अब तक 5 बार समय बढ़ाने की मांग की जा चुकी है।

इस संदर्भ में गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने और समय के अनुरोध के लिए संसदीय समितियों से संपर्क किया है। उम्मीद है कि हमें सेवा विस्तार मिल जाएगा।’’ केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि सीएए के पात्र लाभार्थियों को भारतीय नागरिकता इस कानून के तहत नियम अधिसूचित होने के बाद ही दी जाएगी।

नागरिकता संशोधन कानून के जरिए मोदी सरकार पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के हिं’दुओं, सि’खों, जै’न, बौ’द्ध, पा’रसी और ईसाई जैसे प्र’ता’ड़ित अ’ल्पसंख्यकों को भारतीय ना’गरिकता प्रदान करना चाहती है। कहा जा रहा है कि कानून के तहत इन स’मुदायों के जो लोग 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आए थे और जो वहां धा’र्मिक उ’त्पीड़’न का सामना कर रहे थे, उन्हें अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा और उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएगी।

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