‘लव जि’हाद’ मामले पर योगी सरकार को झटका, हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाया..

December 19, 2020 by No Comments

भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ योगी सरकार ने इंटर रिलिजन वि’वाह की घटनाओं को रोकने के लिए ध’र्म परिवर्तन अध्यादेश 2020 ला दिया है। जिसके चलते अब राज्य में हिं’दू मु’स्लिम प्रेमी जोड़ियों को नि’शाना बनाया जा रहा है। अब तक कई मु’स्लिम युवकों की गि’रफ्तारी भी हो चुकी है। अब इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार से 4 जनवरी तक विस्तृत जवाब मांगा है।

बताया जा रहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर योगी सरकार से यह जवाब मांगा गया है। वहीं एक अन्य मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक शख्स की गि’र’फ्तारी पर रोक लगा दी है। यह लोग कथित ल’व जि’हाद कानून के तहत हुई पहली गि’रफ्ता’री पर लगाई गई है।

दरअसल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अक्षय कुमार त्यागी ने मंसूरपुर थाने में मु’स्लिम युवक नदीम और उसके भाई सलमान के खि’लाफ शि’काय’त दर्ज करवाई थी। जिसमें उसने कहा था कि वह हरिद्वार के भगवानपुर में लेबर कांट्रेक्टर का काम करता था।
वहीं पर उसके अधीन नदीम नाम का युवक भी काम करता था। जिसने उसकी पत्नी को ब’हला-फु’सलाकर अपने प्रेम जा’ल में फं’सा लिया। अक्षय त्यागी का आ’रोप है कि नदीम उसकी पत्नी को अपने प्रेम जाल में फं’सा कर उसका ध’र्म परिवर्तन करवाना चाहता था।

अक्षय त्यागी की शिकायत पर मंसूरपुर थाना पुलिस ने धारा 504/ 506 /120 बी व उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध ध’र्म प’रिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2020 की धारा 3/5 के तहत दोनों आ’रोपियों के खि’लाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। वहीं, एफआईआर के जवाब में नदीम के द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा, पुलिस उसके खि’लाफ अगले सुनवाई तक कोई कार्रवाई नहीं करेगी। कोर्ट ने कहा कि उसके पास अभी तक कोई सबूत नहीं है कि ‘नदीम द्वारा कोई बल या ज’बरद’स्ती प्रक्रिया अपनाई जा रही है।’

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