कोरोना को कोई आखिरी महामा’री नहीं, WHO ने चे’ताया, ”इस वायरस से होगा”

June 22, 2020 by No Comments

दुनियाभर में फैले को’रोनावा’यरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कुछ देशों को छोड़ दुनिया के बाकी देशों में लगभग इस वायरस की वजह से चिं’ताज’नक स्थिति बनी हुई है। अभी तक लगभग 90 लाख से ज्यादा लोग को’रो’ना संक्रमित हो चुके हैं। उसे म’रने वालों का आंकड़ा भी काफी साधा है।

आपको बताने की दुनिया भर में करो’ना सं’क्र’मण की वजह से चार लाख से ज्यादा लोगों की मौ’त हो चुकी है। भारत इस वक्त बहुत भ’यंकर स्थि’ति से जू’झ रहा है। को’रोना सं’क्र’मण से जूझ रहे सबसे ज्यादा प्रभावित देश की लिस्ट में भारत चौथे नंबर पर आ चुका है। इसे देखते हुए वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन की चीफ साइंटिस्ट डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन का कहना है कि साल के अंत तक इस वा’यरस वैक्सीन बनाने के मामले में हम कामयाबी जरूर हासिल कर लेंगे।

भारत में कोरोना सं’क्रमण के बढ़ रहे मामलों के बीच एक इंटरव्यू के दौरान उनसे बि’गड़ रही स्थिति और सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “कोरो’ना कोई आखिरी महामा’री नहीं है। हर चीज का एक अंत होता है। ऐसे में कोरो’ना का भी अं’त होगा है। लेकिन, हमें इससे सबक लेना चाहिए और भविष्य में आने वाली ऐसी कई महामा’रियों से ल’ड़न के लिए अभी से तैयार रहना चाहिए।”

को’रोनावा’यरस के चलते दुनिया भर के देशों में लगाए गए लॉकडाउन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि को’रोना’वाय’रस और लॉकडाउन ऐसे मुद्दे हैं। जिससे सभी देश जूझ रहे हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन की सलाह दी थी कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपाय को दु’रुस्त करने की जरूरत है।

इसी दौरान उनसे पूछा गया कि हाइ’ड्रोक्सीक्लो’रोक्वीन के ट्रायल पर रोक क्यों लगाई गई। इसका जवाब देते हुए डॉ. सौम्या ने कहा कि “एंटी मलेरिया की दवा को पहले कोरो’ना के इलाज में कारगर बताया गया। कई मामलों में इसके अच्छे रिजल्ट में आए थे। लेकिन इस दवा से जिन कोविड-19 के म’रीजों का इलाज किया गया, म’रने वालों में उनकी संख्या ज्यादा थी। जिसकी वजह से ट्रायल रोक दिया गया।

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