रो’जा रखने को लेकर मु’स्लि’म ध’र्मगु’रु ने जारी किया फ’तवा, जानिये क्या कहा..

April 21, 2020 by No Comments

इ’स्ला’म में र’म’जान का महीना बड़ा ही प’वित्र माना जाता है। इस माह में रो’जे रखने का बहुत अधिक महत्व होता है। इस महीने में मु’स्लि’म स’मुदा’य के लोग रो’जे रखते हैं, कु’रा’न पढ़ते हैं और रात में एक विशेष न’मा’ज भी अदा करते हैं। इ’स्ला’मिक ध’र्म के अनुसार इस साल अगर चांद का दी’दार 23 अप्रैल को हो गया तो 24 अप्रैल से रोजे रखे जाएंगे। वहीं अगर चांद 24 अप्रैल को दिखा तो 25 अप्रैल से रो’जे रखे जाएंगे।

इसी बीच क’रो’ना वा’यर’स के ख’तरे के चलते र’म’जान पर भी असर दिखाई देगा क्योंकि देश में इस वक्त सभी धा’र्मि’क स्थल बंद किए गए हैं। जिसके चलते म’स्जि’दों में भी न’मा’ज अदा नहीं की जा सकेगी। इस बार दुनियाभर की मु’स्लि’मों में घरों में रहकर ही न’मा’ज अदा करने के लिए कहा गया है।

इस संदर्भ में दुनिया के सबसे बड़े शि’या मु’स्लि’म ध’र्म गुरु अ’यातु’ल्ला सिस्तानी ने र’म’जान शुरू होने से पहले एक फ’त’वा जारी किया है। इस फ’तवे में उन्होंने को’रो’नावा’यर’स के बीच मु’स्लि’मों से कहा है कि अगर रोजा रखने से किसी को को’रोना’वाय’रस का ख’तरा होता है तो उसका रो’जा माफ है।

दरअसल, र’मजा’न में रोजे के दौरान मु’स्लि’म पानी की एक भी बूं’द नहीं पीते और इस वजह से इ’म्यूनिटी बहुत कम जाती है जब्कि डॉ’क्ट’रों ने ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की स’ला’ह दी है। इस वजह से सूखे गले से इं’फेक्श’न के ख’त’रे को देखते हुए शि’या ध’र्म’गुरु अयातुल्ला सिस्तानी ने यह फ’तवा जारी किया है।

वहीं सु’न्नी ध’र्म के त’मा’म गु’रुओं ने मु’स्लि’मों से घर में ही ता’रा’वी पढ़ने और इ’फ्ता’र पार्टी करने की बजाए उस पैसे से जरू’रत’मंद लो’गों की मदद करने की सलाह दी है। को’रोनावा’य’रस के चलते लॉकडाउन एक शि’या मुस’लमा’न ने इ’रा’क में ध’र्म गु’रु अ’या’तुल्ला सिस्तानी से पूछा था कि अगर किसी को को’रोना’वाय’रस का ख’त’रा महसूस हो तो क्या करें?

इसके जवाब में अयातुल्ला ने कहा कि अगर हर तरह से ए’तिहा’त बरतने के बाद भी किसी को को’रोना’वाय’रस का ख’त’रा महसूस हो तो वह रोजा न रखें।

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