शादी के लिए मु’स्लिम लड़की ने बदला था ध’र्म, अब हाई कोर्ट ने सुनाया ये फ़ैसला..

November 6, 2020 by No Comments

इस वक्त देश भर में ध’र्म परिवर्तन का मुद्दा काफी छाया हुआ है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ल’व जि’हा’द के मामले में एक कानून बनाने की बात भी कही है। अब खबर सामने आ रही है कि ऐसे मामलों को बढ़ता हुआ देख इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट का कहना है कि सिर्फ शादी के लिए ध’र्म प’रिवर्त’न को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

को’र्ट ने यह फैसला विप’रीत ध’र्म के जो’ड़े की याचिका पर सुनाया है और सुनवाई के बाद जोड़े की याचिका को खा’रिज कर दिया था। बता दें कि एक मु’स्लिम म’हिला ने हिन्दू लड़के से शादी करने के लिए एक महीने पहले ध’र्म बदल लिया था और शादी के तीन महीने बाद इस जोड़े ने कोर्ट में याचिका दायर कर कोर्ट से सु’रक्षा की मांग की थी।

याचिकाकर्ताओं की मांग है कि कोर्ट परिजनों को उनके वि’वाहित जीवन में किसी भी तरह की द’खलअंदा’जी ना करने के आदेश जारी कर दी। जिस पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट की बेंच के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी ने 23 सितंबर को इस जोड़े की याचिका खा’रिज कर दी।

जस्टिस ने इस माम’ले में आदेश जारी करते है यह भी लिखा, “महिला जन्म से मु’स्लिम थी और शादी के ठीक पहले उसे हि’न्दू ध’र्म स्वीकार कर लिया। को’र्ट ने पूरे रिकॉ’र्ड का सं’ज्ञान लिया। उसने पाया कि महिला ने 29 जून को ध’र्म परि’वर्तन किया और 31 जुलाई को हि’न्दू युवक से शादी कर ली।”

इस मामले में जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी ने आगे लिखा है कि सिर्फ शादी करने के लिए ही ध’र्म परिवर्तन किया गया था यह तो स्पष्ट है। इसके साथ ही उन्होंने साल 2014 में आए ऐसे ही एक मामले का जिक्र भी किया है और बताया है कि इस मामले में भी कोर्ट ने कहा था कि मेरी शादी के लिए ध’र्म परिवर्तन करना वै’ध नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को संबं’धित मजिस्ट्रेट के समक्ष हाजिर होकर अपना बया’न दर्ज कराने की छूट दी है।

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