बड़े उद्योगपति ने जताई चिं’ता, ”भारत ने गल’त ढंग से लागू किया लॉक डाउन”, अब जो होगा..

June 4, 2020 by No Comments

देश में चल रहे करो’ना सं’क’ट से नि’प’टने के लिए भारत के जाने-माने उद्योगपति राजीव बजाज ने एक बड़ा बयान दिया है। राजीव बजाज का कहना है कि को’रो’ना सं’क’ट से निपटने के लिए भारत ने पश्चिमी देशों की ओर देखकर कठिन लॉक डाउन लगाने की कोशिश की। जिससे न तो देश में सं’क्र’मण का प्रसार रुका बल्कि देश की अर्थव्यवस्था बु’री तरह से त’बा’ह हो गई है।

इस संदर्भ में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिए किए गए सं’वाद में राजीव बजाज ने यह कहा है कि बहुत सारे हम लोग बोलने से डरते हैं। ऐसे में हमें स’हि’ष्णु और सं’वेदन’शील रहने को लेकर भारत में कुछ चीजों में सुधार करने की जरूरत है। लॉक डाउन से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि दु’र्भाग्य’वश हमने पश्चिमी देशों की तरफ से देखते हुए लॉक डाउन लगा दिया। लेकिन हमने पूर्व की तरफ नहीं देखा।

उन्होंने कहा कि हमने कठिन लॉक डाउन करने की कोशिश की। जिसमें काफी खा’मियां थी। इसलिए मुझे लगता है कि आखिर में हमें दोनों तरफ से नुकसान हुआ है। लॉक डाउन के बावजूद अभी भी देश में को’रो’ना सं’क्रम’ण मौजूद है और केसों में इजाफा हो रहा है। दूसरी तरफ इस वक्त भारत आर्थिक समस्या से जूझ रहा है।

राजीव बजाज ने कहा कि हमने को’रो’ना से नि’प’टने के लिए अमेरिका और यूरोपीय देशों का अनुसरण किया, जबकि हमें जापान और दक्षिण कोरिया से सीखना चाहिए था। हमारे जैसे एशियाई देश के लिए अमेरिका के मॉडल को मानना गलत बेंचमार्क है। राजीव बजाज ने कहा कि लॉकडाउन के कई तरीके हो सकते थे, लेकिन हमने जो चुना वह सबसे हार्ड था और उसमें कई खामियां थी। यही वजह है कि भारत में अब भी वायरस तेजी से बढ़ रहा है।

लॉकडाउन के बाद अब अनलॉक की प्रक्रिया पर भी बजाज ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह जिस तरह से किया जा रहा है, उसमें व्यवस्था का अ’भा’व है। लॉकडाउन धीरे-धीरे खुलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सही ढंग से लॉकडाउन हटा’ना एक कठिन काम है। बजाज ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पहली समस्या लोगों के दिमाग से ड’र निकालने की है। इसे लेकर स्पष्ट विमर्श होना चाहिए।

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