इस बच्ची की जान बचाने के लिए मोदी सरकार ने 22 करोड़ के इंजेक्शन से हटाया टैक्स, जानें पूरा मामला..

February 14, 2021 by No Comments

एक अस्पताल में 5 महीने की बच्ची जिं’दगी और मौ’त के बीच ल’ड़ाई लड़ रही है। इस नवजात बच्ची को एक ऐसी गंभीर बीमा’री है। जिसका इलाज भारत में अब तक नहीं बना है। अब उसकी जिंदगी बचाने के लिए विदेश से एक इंजेक्शन मंगाया गया है। जिसकी कीमत 16 करोड़ रूपये बताई जाती है।

जिंदगी और मौ’त के बीच जं’ग लड़ रही इस बच्ची का नाम तीरा बताया जाता है। तीरा को एसएमए- टाइप1 बीमा’री है और इलाज के लिए 22 करोड़ के Zolgensma नाम के इंजेक्शन की जरूरत है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमा’री के कारण अगर बच्ची को इ’जेक्श’न नहीं लगाया गया तो बच्ची की जिंदगी सिर्फ 18 महीने तक ही बच सकती है। यही कारण है कि अमेरिका से मंगाया गया इं’जे’क्शन बच्ची के लिए काफी जरूरी है।

बता दें कि बच्चे को बचाने के लिए परिवार द्वारा क्राउडफंडिंग से पैसे की व्यवस्था कर ली गई है। लेकिन बात यह है कि अमेरिका से इस इं’जेक्शन को मंगवाने पर बच्चे के माता-पिता को भारी भरकम टैक्स भी अदा करना था। लेकिन महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बच्ची के इंजेक्शन को लेकर मोदी सरकार को एक पत्र लिखा था और टैक्स में छूट देने की मांग की थी।

भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस की इस पहल पर मोदी सरकार ने टैक्स पर छू’ट देने का फैसला कर लिया है। यानी कि इंजेक्शन लगने वाले करीब साढ़े छह करोड़ रुपए की टैक्स को मोदी सरकार ने माफ कर दिया है। दरअसल मुंबई के एक अस्पताल में इ’लाजरत तीरा कामत स्पा’इनल मस्क्यूलर अट्रॉपी से पी’ड़ित हैं। स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी बीमा’री के लिए जिम्मेदार जीन शरीर में तं’त्रि’का तं’त्र के सुचारु रुप से कार्य करने के लिए आवश्यक प्रोटीन के निर्माण को बा’धित कर देता है।

जिसके फलस्वरूप तं’त्रिका तं’त्र न’ष्ट हो जाता है और पीड़ित बच्चों की मौ’त हो जाती है। दरअसल, यह मांसपेशियों को ख’राब कर देने वाली एक दु’र्लभ बीमा’री है। जब यह बीमा’री गं’भीर हो जाती है तो बच्चों के दो साल के होने से पहले ही उनकी मौ’त हो जाती है।

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