खुशखबरी: कोरोना का टीका बनाने में इन दो कंपनियों को मिली शुरूआती सफलता..

July 2, 2020 by No Comments

दुनिया भर में पहले को’रोनावा’यरस जैसे ख’तरना’क सं’क्र’मण की वै’क्सी’न का लोग बेस’ब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस वक्त दुनिया भर के कई बड़े देशों के वैज्ञानिक कोरोना की वै’क्सीन बनाने के कार्य में जुटे हुए हैं। इसी बीच अमेरिका से एक बड़ी खबर सामने आ रही है।

खबर के मुताबिक अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर और यूरोपीय जैव प्रौद्योगिकी कंपनी बायोएनटेक एसई ने कोविड-19 के एक टीके का प्रा’योगि’क परीक्षण किया है। जिसके नतीजे में टीके को सुरक्षित और मरी’जों में एं’टीबॉ’डी बनाने में सक्षम पाया गया। विशेषज्ञों द्वारा अध्ययन की समीक्षा किया जाना अभी बाकी है।

रिसर्च के मुताबिक मरी’जों को टीके की दो खुरा’क दिए जाने के बाद उनके अंदर बनने वाली एं’टीबॉ’डी की संख्या उन म’री’जों में पैदा हुए और एंटीबॉडी से ज्यादा पाई गई है। जिन्हें को’विड-19 से ठीक हो चुके लोगों का प्ला’ज्मा दिया गया था। इस रिसर्च में भाग लेने वाले वैज्ञानिकों से अलग अमेरिका के बेयलर कालेज ऑफ मेडिसिन के वैज्ञानिक पीटर होटेज ने कहा, मुझे खुशी है कि फाइजर ने परीक्षण के पहले चरण के आंकड़े आज साझा किए हैं।

टीके की दो खुराक के बाद वायरस को निष्क्रिय करने वाले एंटीबॉडी की संख्या कॉनवालेसेन्ट एंटीबॉडी टाइटर से अधिक पाई गई है। रिसर्च में शामिल अमेरिका के न्यूयार्क यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने कहा कि वे चार प्रायोगिक टीके का परीक्षण कर रहे हैं। बायोएनटेक के सह संस्थापक और सीईओ और अध्ययन में शामिल वैज्ञानिक उगुर साहिन के अनुसार टीके के आरंभिक परीक्षण से प्राप्त आंकड़े उत्साहवर्धक हैं क्योंकि इनसे इस बात के संकेत मिले हैं कि बीएनटी 162बी1 टीका मानव शरीर में वा’यरस को निष्क्रिय करने वाले एंटीबॉडी उत्पन्न करने में सक्षम है।

फाइजर की ओर से जारी एक स्टेटमेंट के अनुसार रिसर्च के शुरुआती हिस्से में 18 से 55 वर्ष की आयु के 45 स्वस्थ पुरुषों ने भाग लिया। अध्ययन में मरीजों पर टीके के कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं देखा गया। स्टेटमेंट के अनुसार दोनों कंपनियां टीके की खुराक तय करेंगी और बड़े स्तर पर परीक्षण करने की अनुमति मिलने के बाद तीस हजार लोगों पर टीके का अध्ययन किया जा सकता है।

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