100, 500 और 2000 के नोटों को लेकर आई बड़ी ख़बर, तत्कालीन राष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव को…

January 20, 2021 by No Comments

देश के महान स्वतंत्रता सेनानी और ‘आजाद हिं’द फौज’ के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से पहले सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। भारत सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के तौर पर मनाने का फैसला किया है। इसी बीच कटक शहर के निवासियों ने महान स्वतंत्रता सेनानी की विशेषता वाले नोटों की मांग उठाई है।

दरअसल 7 साल पहले तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा इंडियन करेंसी की के नोटों पर सुभाष चंद्र बोस की सभी को अंकित करने के लिए प्रस्ताव को स्वीकार किया गया था। जिसे आरबीआई के पास भेज दिया गया था। लेकिन इस मामले में केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों ही चुप्पी साधे हुए बैठे हैं। बताया जाता है कि सिब चरण ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को एक पत्र लिखा था।

 

जिसमें उन्होंने इंडियन करेंसी पर सुभाष चंद्र बोस की छवि छापने का अनुरोध किया था। प्रणब मुखर्जी ने इस पर जरूरी कार्रवाई के लिए आरबीआई को पत्र भी लिखा था। बताया जाता है कि 1 अगस्त 2013 को आरबीआई ने सिब चरण को यह सूचना दी थी कि बैंक करेंसी नोटों में स्मारकों, तस्वीरों आदि के लिए जनता के सुझाव हासिल करते हैं लेकिन अंतिम फैसला हमेशा भारत की सरकार द्वारा ही लिया जाता है।

इस मामले में सिब चरण ने कहा कि इस मामले में वित्त मंत्रालय के आर्थित विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है। मैंने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी सहित कई नेताओं को पत्र लिख चुका हूं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनों की आ’लोचना की है।

आपको बता दें कि सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में हुआ था। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ उन्होंने जापान की सहायता से आजाद हिंद फौज का गठन किया था। बोस का दिया ‘जय हिंद’ राष्ट्रीय नारा बन गया। वहीं ‘तुम मुझे खू’न दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा’ नारे नें भी अंग्रेजों के खिलाफ ल’ड़ने के लिए भारतीयों को प्रेरित किया।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *