अयोध्या मामले पर बड़ी घोषणा, कल इतने बजे आएगा फ़ैसला..

November 8, 2019 by No Comments

नई दिल्ली: देश के सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक अयोध्या मामले के फ़ैसला कल आ जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में एक नोटिस जारी किया है और इस मामले के फ़ैसले के लिए कल का दिन तय किया है. अयोध्या में बाबरी मस्जिद-राम जन्म भूमि को लेकर मुक़दमा लम्बे समय से चल रहा है. सरकार ने इसको लेकर कई तरह की तैयारियां की हैं.

हिन्दू और मुस्लिम दोनों समाज के धर्मगुरुओं ने फ़ैसले से पहले अपने समाज से अपील की है कि फ़ैसला कुछ भी आये शांति बनाये रखें.अयोध्या मामले पर फैसले से पहले सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह और मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी को तलब किया.फैसले से पहले मुख्य न्यायधीश ने दोनों अधिकारियों से प्रदेश की मौजूदा स्थिति की जानकारी की रिपोर्ट लेने के लिए तलब किया.

उत्तर प्रदेश और खासतौर से अयोध्या में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया पर पुलिस व प्रशासन पैनी नजर रख रहा है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस करीब 1,659 लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर रख रही है। अगर जरूरत पड़ी, तो कुछ समय के लिए इंटरनेट सेवाएं भी बंद करवाई जा सकती हैं। हालांकि, फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है।

ख़बर है कि कल साढ़े दस बजे मुक़दमे का फ़ैसला सुनाने के लिए वक़्त दिया गया है. उल्लेखनीय है कि ये बहुत लंबा मामला है. बाबरी मस्जिद जिस ज़मीन पर थी उसे हिन्दू पक्ष मानता है कि वहाँ भगवान् राम की जन्मभूमि है और बाबरी मस्जिद मंदिर को तोड़ कर बनाई गई थी. मुस्लिम पक्ष ऐसा नहीं मानता, मुस्लिम पक्ष का दावा है कि बाबरी मस्जिद को बनाते समय किसी तरह का मंदिर तोड़ा नहीं गया था.

मुस्लिम पक्ष मानता है कि भगवान् राम का जन्म अयोध्या में हुआ था लेकिन मुस्लिम पक्ष का कहना है कि किसी भी धार्मिक ग्रन्थ से ये साबित नहीं होता कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद वाली ज़मीन ही भगवान् राम की जन्मभूमि है. 6 दिसम्बर 1992 को बाबरी मस्जिद को कट्टरवादी हिन्दुओं ने तोड़ दिया था. इस बात का मुक़दमा भी चल रहा है.