चोरी हुआ मोबाइल नहीं रहेगा किसी काम का, नए पोर्टल में हुआ…

September 16, 2019 by No Comments

आज मोबाइल हमारी लाइफ़ का हिस्सा बन चुका है| समय के साथ-साथ हमारे लिए जरुरी बनता जा रहा है, क्योंकि आज कल हर काम मोबाइल के ज़रिए ही होने लगा है जैसे– फण्ड ट्रांसफर, चैट, कॉल,यहाँ तक की शॉपिंग भी आजकल घर बैठे मोबाइल पर ऑनलाइन ही हो जाती है। इन दिनों तो सुबह उठते ही हम सबसे पहले अपने मोबाइल को ही चेक करते है| चाहे टाइम देखना हो या किसी से बात करना हो मोबाइल हमारे साथ ही होता है, इसके साथ ही मोबाइल में होता है हमारा ढेर सारा डेटा भी जैसे फ़ोटोज़, ज़रूरी फ़ाइल्ज़ वग़ैरह, ऐसे में मोबाइल गुम ज्याएँ या चोरी हो जाए तो जैसे ज़िंदगी थम सी जाती है।

चोरी गए मोबाइल के साथ जाने कितनी चीज़ें चली जाती हैं उस पर महँगे मोबाइल के गुमने से हुआ नुक़सान अलग से। ऐसे में हम चोरी हुए मोबाइल को कितना ही ट्रैक करना चाहें वो मिलता ही नहीं क्योंकि चोरी करने वाले व्यक्ति उसे बंद कर देते हैं या सिम निकाल देते हैं। बाद में उस फ़ोन की आईएमआई बदल देते हैं जिससे उस मोबाइल को ढूँढना मुश्किल हो जाता है। इन बढ़ती वारदातों को देखते हुए एक नया पोर्टल बनाया गया है।

इसका उद्घाटन किया कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने। इस पोर्टल के ज़रिए गुम हुए और चोरी हुए मोबाइल फ़ोन को तलाशना आसान हो जाएगा। ये पोर्टल चोरी या गुम हुए मोबाइल फ़ोन का नेटवर्क जाम कर देगा उसमें नेटवर्क नहीं आने से मोबाइल एक डिब्बे के जैसा हो जाएगा|

ये पोर्टल मेरीटाइम कनेक्टिविटी सर्विसेज और सेंट्रल इक्वीपमेंट आइडेटीफिकेशन सिस्टम के ज़रिये गुम या चोरी हुए मोबाइल को खोज निकलने का काम करेगा| महाराष्ट्र में सबसे पहले यह परियोजना पायलट प्रोजेक्ट के नाम से शुरू की गयी| इसमे मोबाइल आइएमआई ट्रैक कर चोरी या गुम हुए मोबाइल फ़ोन का पता लगाया जाता है| इस परियोजना से चोरी या गुम हुए फ़ोन की नकली आईएमआई और नकली मोबाइल के उपयोग को रोका जा सकता है