सिंधिया ने मोदी सरकार पर बोला ह’मला, भरी संसद में ये मुद्दा उठाकर भाजपा को चौंकाया…

February 11, 2021 by No Comments

मध्य प्रदेश की सियासत के सबसे चर्चित नेता बन चुके हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया बीते साल जब उन्होंने कांग्रेस छोड़कर अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की थी। तो कांग्रेस हक्की बक्की रह गई थी। अब राज्यसभा में भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने वक्तव्य में मोदी सरकार को ही सवालों के कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया है।

दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सदन में बीते साल आई कोरोना महामा’री के दौरान बाल विवाह और बच्चे उनके स्कूल ड्रॉपआउट का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामा’री के दौरान देशभर के स्कूल बंद रहे हैं। जिसके चलते विशेष तौर पर कई बच्चों ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी है। इसके साथ ही कई बच्चों के बाल विवाह भी कर दिए गए हैं। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।

एक तरफ जहां मोदी सरकार कोरोना महामा’री के दौरान किए गए अपने कामों के लिए हर मंच पर अपनी पीठ थपथपा रही है। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह मुद्दा उठाकर भाजपा सरकार को सवालों के कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। दरअसल सिंधिया द्वारा सदन में उठाए गए इस मुद्दे पर मोदी सरकार खुद ही गिरती हुई नजर आ रही है।

मोदी सरकार और प्रदेश सरकारों ने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ना हो। इसके लिए ऑनलाइन स्टडी करने का आदेश दिया था। लेकिन सिंधिया का कहना है कि उनके इस आदेश के चलते कई बच्चियों की पढ़ाई बीच में ही छूट गई है। जिसके चलते देश में बाल विवाह जैसे मामलों में एकाएक बढ़ोतरी नजर आई है।

अपने वकत्व्य के दौरान सिंधिया ने सदन में कुछ आंकड़े भी दिए। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक RTI का हवाला देते हुए बताया कि अप्रैल 2020 से अक्टूबर 2020 तक बाल विवाह की संख्या ज्यादातर राज्यों में बढ़ी है।

सिंधिया ने सरकार से मांग की है कि इसका राज्यव्यापी मूल्यांकन होना चाहिए। बालिकाओं और उनके परिजनों की काउंसलिंग की जाए। इसमें NGO का भी सहयोग लिया जा सकता है ताकि कोरोना काल में स्कूल ड्रॉप आउट बच्चियों को फिर से स्कूल में एडमिशन दिलवाई जा सके।

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