पिछले कई दिनों से किसी खिलाड़ी का डोमेस्टिक क्रिकेट में सबसे अधिक चर्चा है तो सरफ़राज़ खान हैं. सरफ़राज़ ने आज एक बार फिर अपनी शानदार बैटिंग से मुंबई को सैयद मुश्ताक अली ट्राफी का विजेता बना दिया. हिमाचल प्रदेश के साथ हुए फाइनल में मुंबई ने तीन विकेट से जीत हासिल की. 144 रन का पीछा करने उतरी मुंबई की टीम एक समय 17.4 ओवर के बाद 7 विकेट गंवाकर महज़ 119 ही रन बना पायी थी. सरफ़राज़ की शानदार बल्लेबाज़ी ने मुंबई को ये मैच जिताया.

144 के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई को शुरुआत में ही अजिंक्या रहाने और पृथ्वी शा के विकेट के साथ बड़ा झटका लगा. इसके बाद यशस्वी जैसवाल ने कुछ संभलकर खेलने की कोशिश की लेकिन 27 के निजी स्कोर पर वो भी चलते बने. इसके बाद श्रेयस अय्यर ने सरफ़राज़ के साथ पारी संभालने की कोशिश की लेकिन जब टीम का स्कोर 96 रन था तो वो आउट हो गए, श्रेयस ने २६ गेंदों पर 34 रन बनाये. इसके बाद मुंबई की रन गति धीमी पड़ने लगी और विकेट भी गिरने लगे. 18 ओवर में मुंबई का स्कोर 121 रन था और वो 7 विकेट खो चुकी थी.

ऐसे में उसे सरफ़राज़ से ही उम्मीद थी. 19वें ओवर की पहली गेंद ख़ाली निकल गई लेकिन इसके बाद सरफ़राज़ ने चौका लगा दिया. इसी ओवर में सरफ़राज़ ने एक छक्का और लगाया और आख़िरी गेंद पर एक चौका जड़ दिया. आख़िरी ओवर में जीत के लिए महज़ 6 रन चाहिए थे. तनुश कोटियान ने पहली गेंद पर दो रन चुराए और तीसरी पर छक्का जड़कर काम तमाम किया. सरफ़राज़ ने अपनी पारी में 36 रन बनाये. उन्होंने तीन चौके और एक छक्का लगाया. हिमाचल की ओर से वैभव अरोरा ने तीन विकेट लिए, ऋषि धवन और मयंक डागर ने दो-दो विकेट लिए.

इसके पहले हिमाचल प्रदेश ने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 143 रन बनाये. एकांत सेन ने सबसे अधिक 37 रन बनाये जबकि मुंबई की ओर से मोहित अवस्थी और तनुश कोटियान ने 3-3 विकेट लिए. हिमाचल की शुरुआत बहुत ख़राब हुई थी और एक समय टीम के 6 विकेट 58 रन पर गिर गए थे लेकिन आकाश वशिष्ठ, एकांत सेन और मयंक डागर ने अच्छी पारियां खेलकर टीम को सम्मानजनक स्कोर दिया.

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