आरएसएस प्रमुख ने दिया ऐसा बयान, जिसकी देश के मुसलमानों ने नहीं की होगी उम्मीद..

January 5, 2021 by No Comments

देश के हिंदू वादी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने नए साल के मौके पर एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि देश का कोई भी हिं’दू कभी भी दे’शद्रोही नहीं हो सकता। वह हमेशा देश भक्त ही होगा क्योंकि यह उसका बुनियादी च’रित्र और प्रकृति है। आरएसएस अध्यक्ष द्वारा दिया गया यह बयान काफी सुर्खियों में बना हुआ है और इसकी विपक्षी दलों द्वारा जमकर आ’लोच’ना भी की जा रही है।

आरएसएस अध्यक्ष मोहन भागवत ने देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की उस टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि देश भ’क्ति की उत्पत्ति उनके ध’र्म से ही हुई है। इसलिए भारत में रहने वाले हिं’दू कभी दे’शद्रोही नहीं हो सकते। मोहन भागवत हालांकि यह कहना भूल गए कि महात्मा गांधी ने यह भी कहा था कि हां मैं एक मु’स्लि’म हूं एक बौ’द्धों और एक य’हूदी भी हूं।

आपको बता दें कि जे के बजाज और एम डी श्रीनिवास लिखित पुस्तक ‘मेकिंग आफ ए हि’न्दू पैट्रियट : बैकग्राउंड आफ गांधीजी हि’न्द स्वराज’ का लोकार्पण करते हुए मोहन भाग’वत ने यह बात कही। मोहन भागवत ने कहा कि किताब के नाम और मेरा उसका विमोचन करने से अटकलें लग सकती हैं कि यह गांधी जी को अपने हिसाब से परिभाषित करने की कोशिश है।

उन्होंने कहा कि गांधी जी ने कहा था कि मेरी दे’शभ’क्ति मेरे ध’र्म से निकलती है मैं अपने ध’र्म को समझ कर ही अच्छा देश भक्त बनूंगा और लोगों को भी ऐसा करने को कहूंगा गांधी जी ने यह भी कहा था कि सब राज को समझने के लिए स्वध’र्म को समझना पड़ेगा।

आपको बता दें कि मोहन भागवत द्वारा जारी पुस्तक में दावा किया गया है कि 1893-94 के दौरान गांधी को दक्षिण अफ्रीका में उनके मु’स्लिम नियोक्ता और ईसा’ई सहयोगियों द्वारा ध’र्मांतर’ण के लिए द’बाव डाला गया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। और 1905 तक, वह एक क’ट्टर हिं’दू बन गए थे।

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