शाइरी के चाहने वाले एक आम ख़याल को शाइरी में ख़ास अन्दाज़ में पेश होता देख फ़िदा हो जाते हैं। मक़बूल शाइर तो कई हुए हैं और उनके शेर भी अपनी पहचान बना लेते हैं लेकिन उन्हें कहने का अंदाज़ ही शाइर को बाकियों से जुदा करता है। लोगों के दिलों पर राज करना आसान नहीं है इसके लिए शब्दों को शेर में पिरोने का हुनर चाहिए और ऐसे में जब नाम आता है राहत इंदौरी साहब का, तो लोगों के मुँह से आह और वाह एक साथ निकलती है। हो भी क्यों न जब वो शेर पढ़ते हैं तो दिल से आह निकलती है वहीं ज़ुबान वाह किए बिना नहीं रह पाती।

राहत इंदौरी एक ऐसा चर्चित नाम हैं जो परिचय के मोहताज नहीं हैं। राहत साहब ने न जाने कितनी महफ़िलें अपने नाम कर लीं लेकिन ये पहली बार है कि जब उनकी जीवनी “मुझे सुनाते रहे लोग वाक़िया मेरा” सामने आयी और लोगों ने उसे उसी तरह लूट लिया, जिस तरह राहत साहब मुशायरा लूटा करते हैं। रेडग्रैब बुक्स पब्लिकेशन के बैनर तले आयी राहत इंदौरी की ऑफ़िशियल बायोग्राफ़ी “राहत साहब (भाग १ मुझे सुनाते रहे लोग वाक़िया मेरा)” आते ही लोगों के दिलों पर छा गयी। इसे इस तरह हाथों हाथ लिया गया कि देखते ही देखते अमेज़न बेस्टसेलर के सबसे ऊँचे पायदान पर पहुँच गयी है।

जो लुत्फ़ शेर के सानी मिसरे में होता है बस कुछ ऐसा ही असर होता है शाइर की ज़िंदगी में भी। शेर भी तो आख़िर ज़िंदगी का ही हिस्सा होते हैं और किसी शाइर के शेर अगर दिल जीत लें तो उनकी ज़िंदगी की ख़ूशबू भी, चाहने वाले महसूस करना चाहते हैं। राहत साहब की बायोग्राफ़ी “राहत साहब (भाग १ मुझे सुनाते रहे लोग वाक़िया मेरा)” को लिखा है हिंदी के जानकार डॉ. दीपक रूहानी ने जो उर्दू साहित्य को अनुवादित और हिंदी में लिप्यंतरण का काम सालों से कर रहे हैं। इस किताब को लाने में उन्होंने दो साल की कड़ी मेहनत की है उनका कहना है कि इस किताब को लिखते समय उन्हें राहत साहब के बारे में कुछ ऐसी दिलचस्प बातें पता चलीं जिससे उनकी शाइरी को पढ़ने में पाठकों को एक अलग ही लुत्फ़ आएगा।

ये किताब एक शाइर के जीवन को, उसके व्यक्तित्व को और शाइरी में जुड़ने वाले अनुभवों से पाठकों को रू-ब-रू करवाती है। वहीं अपने चहेते शाइर के बारे में पढ़ने की उत्सुकता में लोगों ने इस किताब को इस तरह अपनाया कि ये इतने कम समय में बेस्टसेलर के सबसे ऊँचे पायदान पर आसीन है। किसी शाइर की ज़िंदगी को जानने के लिए लोगों का इस तरह उमंग और जोश, विरले ही देखने मिलता है।

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