उत्तर प्रदेश की मऊ विधानसभा सीट से विधायक रहे बाहूबली मुख्तार अंसारी पिछ्ले कई सालों से जेल में है,उन पर प्रदेश सरकार की तरफ से दर्जनों मुकदमे चलाये जा रहे हैं,उन्ही में से एक शस्त्र लाइसेंस का भी मामला है,सरकार का आरोप है कि अंसारी ने बिना सूचना दिये शस्त्र लाइसेंस को दिल्ली ले पते पर ट्रांसफर किया है तो वहीं अंसारी परिवार की मानें तो सभी मुकदमे बदले की भावना से दर्ज कराये गये हैं।

खबर है कि मऊ के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को शस्त्र लाइसेंस देने की सिफारिश करने वाले तत्कालीन मऊ कोतवाल कृष्ण प्रताप सिंह को सरकार ने निलम्बित कर दिया है,फिलहाल कृष्ण प्रताप बहराइच में डिप्टी एसपी के पद पर तैनात थे,गौर तलब रहे कि मुख्तार अंसारी और उनके परिवार के करीबी रहे तमाम लोगो पर सरकार एक्शन ले रही है ऐसे में अपनी ड्यूटी पूरी करने वाले अधिकारी पर भी सरकारी गाज गि गई और उन्हे निलम्बित कर दिया गया।

ज्ञात रहे कि प्रदेश में भाजपा सरकार के आने के बाद से ही पूर्वांचल की राजनिती में अपना अलग कद रखने वाले अंसारी परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं,एक तरफ जहाँ सालों से जेल में बन्द पूर्व विधायक पर ताबड़तोड़ कई मुकदमे दर्ज किये गये हैं,तो वहीं 2022विधानसभा चुनाव में अपने पिता की राजनितिक विरासत सम्भालने वाले अब्बास अंसारी पर भी कार्यवाही तेज़ हो गई है,और उनकी तलाश में प्रदेश की पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

सरकार का आरोप है कि साल 2012 में अब्बास अंसारी ने लखनऊ से जारी किए गए शस्त्र लाइसेंस को बिना सूचना दिए ही दिल्ली के पते पर ट्रांसफर कराया था, इसी के बाद यह मामला कोर्ट में पहुंचा, अदालत में लगातार गैर हाजिर होने की वजह से अब्बास की संपत्ति कुर्की का आदेश दिया है, यह आदेश एमपी-एमएलए कोर्ट के जज अम्बरीष श्रीवास्तव ने सीआरपीसी की धारा 83 के अंतर्गत लखनऊ की महानगर पुलिस की अर्जी का संज्ञान लेते हुए दिया है, कोर्ट में अर्जी महानगर पुलिस ने डाली थी।

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