नाथू’राम गो’ड्से पर अब भाजपा के विधायक की टि’पण्णी,’गो’ड्से आतं’कवादी नहीं थे, उनसे तो..’

November 29, 2019 by No Comments

बलिया: हाल ही में प्रज्ञा ठाकुर द्वारा नाथूराम गोड्से को देशभक्त बताये जाने की बात पर बवाल कम नहीं हुआ है कि इतने में भाजपा के विधायक सुरेन्द्र सिंह ने एक ऐसा बयान दिया है जो उनके लिए मुश्किल भरा हो सकता है. उन्होंने कहा कि गो’डसे कोई आ’तंकवादी नहीं थे। उनसे भूल हो गई थी। सुरेंद्र सिंह ने यहां गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, “गोडसे आतं’कवादी नहीं थे। जो लोग देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं, वे आ’तंकवादी हैं। गोडसे ने देशभक्त गांधी जी की हत्या कर भूल की थी।”

सुरेंद्र सिंह ने ग़लती के लिए शब्द भूल का उपयोग किया। हालांकि, उन्होंने गोडसे के देशभक्त होने के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया। गोडसे को लेकर पहले ही भाजपा विपक्ष के निशाने पर है। ऊपर से ऐसे समय में विधायक का बयान आना आग में घी डालने से कम नहीं है। हलांकि, सुरेंद्र सिंह अपने विवादित बयान के लिए ही जाने जाते हैं। इससे पहले भी वह कई ऐसे बयान दे चुके हैं। गौरतलब है कि बुधवार को डीएमके सदस्य ए़ राजा के नाथूराम गोडसे के ‘मैंने गांधी को क्यों मारा’ वाले बयान का उल्लेख करने के बाद लोकसभा में विवाद की स्थिति पैदा हो गई।

आपको बता दें कि कल संसद में भाजपा की सांसद प्रज्ञा ठाकुर के द्वारा दिए गए आप’त्तिजनक बयान पर भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रतिक्रिया दी है. प्रज्ञा ठाकुर ने कल नाथूराम गोड्से को देशभक्त बताया था जिसके बाद सदन में ज़बरदस्त हंगामा हुआ. अब इस विषय पर जेपी नड्डा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी इस तरह के बयान और आइडियोलॉजी का समर्थन नहीं करती.उन्होंने बताया कि प्रज्ञा ठाकुर को कंसल्टेटिव डिफेंस समिति से बाहर कर दिया गया है.

नड्डा ने साथ ही बताया कि इस सेशन में उन्हें पार्लियामेंटरी पार्टी मीटिंग में शामिल नहीं होने दिया जाएगा. इस मुद्दे पर आज भी हंगामा देखने को मिला.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कांग्रेस को आतं’कवादी पार्टी कहा गया..जिस पार्टी के नेताओं ने देश के लिए बलिदान दिया..हो क्या रहा है ये? क्या इस मुद्दे पर हाउस ख़ामोश रहेगा? महात्मा गांधी के हत्यारे को ‘देशभक्त’ कहा गया. उल्लेखनीय है कि कल जब लोकसभा में एसपीजी अमेंडमेंट बिल पर चर्चा हो रही थी तब डीएमके सांसद ए. राजा अपना बयान दे रहे थे.

उन्होंने अपने बयान में जैसे ही ये बताने की कोशिश की कि किस तरह से गोड्से के मन में गांधी जी के लिए बुरी भावना थी तभी साध्वी प्रज्ञा ने उन्हें टोक दिया. साध्वी ने कहा, ‘आप एक देशभक्त का उदाहरण नहीं दे सकते.’ हालांकि, प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान को लोकसभा के रिकॉर्ड से हटा दिया गया. प्रज्ञा ठाकुर लोकसभा चुनाव के दौरान भी इस तरह की टिपण्णी कर चुकी हैं. उनके बयान पर तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नाराज़गी जताई थी. पीएम ने कहा था कि भले ही इस मामले में साध्वी प्रज्ञा ने माफी मांग ली हो, लेकिन मैं अपने मन से उन्हें कभी भी माफ नहीं कर पाऊंगा. इस तरह की भी ख़बरें आ रही हैं कि प्रज्ञा ठाकुर को भाजपा बाहर का रास्ता दिखा सकती है. प्रज्ञा ठाकुर के लगातार इस तरह बयान आने की वजह से भाजपा की ख़ासी बदनामी हो रही है.