चुनाव प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करेगी मोदी सरकार, राज्यों से छिन सकते हैं ये अधिकार..

August 29, 2020 by No Comments

देश में एक चुनाव कराने के मामले पर चर्चा के लिए इस महीने की शुरुआत में एक अहम बैठक की थी इस बैठक के दौरान देश में होने वाले सभी स्थानीय निकाय चुनाव, विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के लिए एक कॉमन वोटर लिस्ट तैयार करने के मामले में चर्चा हुई थी। बताया जाता है कि 13 अगस्त को हुई इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव डीके मिश्रा ने की थी।

आपको बता दें इस बैठक के दौरान दो विकल्पों पर चर्चा की गई। पहला विकल्प ये है कि संविधान के आर्टिकल 243K और 243ZA में संशोधन करके देश में सभी चुनाव के लिए एक मतदाता सूची का होना अनिवार्य किया जाए। दूसरा विकल्प ये है कि राज्य सरकारों को अपने-अपने का’नू’नों में बदलाव करके नगरपालिका और पंचायत चुनाव के लिए चुनाव आयोग की मतदाता सूची को अपनाने के लिए राजी किया जाए।

सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, विधान सचिव जी.नारायण राजू, पंचायती राज सचिव सुनील कुमार और चुनाव आयोग के तीन प्रतिनिधि और सेक्रेटरी जनरल उमेश सिन्हा भी इस बैठक में शामिल हुए। जानकारी के लिए आपको बता दें कि संविधान के अनुच्छेद 243K और 243ZA पंचायत और निगम चुनाव से संबंधित है। यह आर्टिकल राज्य चुनाव आयोग को मतदाता लिस्ट बनाने और चुनाव कराने और उसे दिशा देने और कण्ट्रो’ल’ करने की शक्ति देता है।

गौरतलब है कि इस साल देश में विधानसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव भी होने वाले हैं जिसके लिए सभी राजनीतिक दलों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। बिहार विधानसभा चुनाव पर रोक लगाने से इं’कार कर दिया है। आर्टिकल 324(1) चुनाव आयोग को सभी संसदीय चुनाव और विधानसभा चुनाव के लिए वोटर लिस्ट तैयार करने और उसे नियंत्रित करने की शक्ति देता है। दूसरे शब्दों में कहें तो राज्य चुनाव आयोग स्थानीय चुनाव के लिए अपनी मतदाता सूची तैयार करने के लिए स्वतंत्र हैं

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