मोबाइल बन रहा है से’क्स ला’इफ़ का दु’श्मन, शो’ध में आया चौं’काने वाला नती’जा

December 15, 2019 by No Comments

इन दिनों कोई भी ऐसा नहीं है जिसके हाथ में मोबाइल न नज़र आए। यही नहीं आए दिन मोबाइल के उपयोग से बढ़ने वाली परेशा’नियों के बारे में भी ख़ब’रें अब आम हो चली हैं। इसके ज़्यादा उपयोग की वज’ह से लोगों के बैठने चलने के अन्दाज़ में परिवर्तन आया है और उसका अस’र भी शरीर पर पड़ता है। हड्डियों से जुड़ी कई बीमा’रियाँ अब सामने आने लगी हैं। यही नहीं मोबाइल से ज़्यादा जुड़े रहकर जहाँ हम अपनों से दूर होते जा रहे हैं वहीं हमारे अब मोबाइल का अस’र रिश्तों पर भी प’ड़ने लगा है।

यहाँ हम सिर्फ़ मोबाइल में लगे रहने के कार’ण अपनों से दू’र होने की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि हम बात कर रहे हैं दाम्प’त्य जीवन के सम्ब’न्धों की। पहले ये बातें सामने आती रही हैं कि मोबाइल को अपने शरीर के आसपास रखने से हम उससे निकलने वाले रेडिए’शन का शि’कार होते हैं जो हमारे शरीर के लिए अच्छा नहीं है। लेकिन अब ताज़ा शो’ध से आने वाले परि’णाम तो इससे भी घा’तक हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर

मोरक्को में 600 लोगों पर किए एक शो’ध से पता चला है कि मोबाइल का अस’र लोगों के यौ’न जी’वन पर पड़ता है। इस शो’ध में भा’ग लेने वाले लगभग 60 फीस’दी लोगों ने स्मार्टफोन के कारण अपने जीवन में परेशा’नियाँ आने की बात स्वीकार की। इस शो’ध के लिए आए 600 प्रतिभा’गियों के पास स्मार्टफोन थे और इनमें से 92 फी’सदी लोगों ने स्वीकार किया कि वो रात में भी फ़ोन का इस्तेमाल करते हैं। जबकि उनमें से 18 फी’सदी लोगों ने कहा कि वो बेडरूम में अपना फोन फ़्लाइट मो’ड में रखते हैं।

इस अध्ययन में पाया गया कि स्मार्टफोन के प्र’योग से सबसे ज़्यादा नुक़’सान वय’स्कों को हो रहा है ख़ासकर 20 से 45 वर्ष की आयु व’र्ग को मोबाइल ने नका’रात्मक रूप से प्रभा’वित किया। जिसमें से 60 फी’सदी लोगों ने कहा कि मोबाइल फोन ने उनकी यौ’न क्षम’ता को प्रभा’वित किया है। इस शो’ध में शा’मिल क़रीब 50 फीसदी लोगों ने अपने यौ’न जी’वन के बेह’तर नहीं होने की बात कही क्योंकि उन्होंने लंबे समय तक स्मार्टफोन का उपयो’ग किया। अध्ययन में शा’मिल प्रतिभा’गियों में से एक तिहाई ने माना कि इनकमिंग कॉ’ल का जवाब देने की मज’बूरी से भी से’क्स में बा’धा पहुंचती है।