NDA के सहयोगी ‘मांझी’ का बड़ा बयान- राजद अगर चाहे तो बिहार में..

December 19, 2020 by No Comments

जब से बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार की सरकार बनी है। तब से ही हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी का भी चर्चा में बने हुए हैं। एक तरफ जहां जीतन राम मांझी नीतीश कुमार के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं। जो यह साबित करें कि दोनों राजनीतिक दलों में त’नाव चल रहा है।

वहीं दूसरी तरफ जीतन राम मांझी नीतीश कुमार के वि’रोधी लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के साथ करीबियां बड़ा रही है। अब एक बार फिर से जितना मांझी ने बिहार में बढ़ रहे अ’परा’ध पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने अप्रत्यक्ष तौर पर एनडीए के कार्यकाल में बिहार में बढ़ रहे अ’परा’ध पर सरकार को घेरा है। इतना ही नहीं इससे पहले मांझी ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर ट्वीट कर बीते दिनों बिहार में श’राबबं’दी के मामले पर सवाल खड़े किए थे।

अब उन्होंने कहा है कि अगर राजद और उसके सहयोगी दलों के नेता चाहे तो 80 फीसद से अधिक अ’परा’ध खुद ही खत्म हो जाएंगे। उन्होंने श’राब बं’दी कानून के विरोध को लेकर भी राजद और कांग्रेस पर ह’मला बोला है। मांझी ने शुक्रवार को ट्वीट कर राजद पर बिहार के अ’परा’ध को लेकर चिंता का दिखावा करने का आरोप लगाया है। साथ ही राजद और उसके सहयोगी दलों के नेताओं से आग्रह किया है कि अगर वे अपने कार्यकर्ताओं और जेल में बंद नेताओं को समझा दें तो राज्‍य के 80 फीसद से अधिक अपराध स्‍वत: खत्म हो जाएंगे।

इससे पहले भी एक ट्वीट में जीतनराम मांझी ने श’राबबं’दी कानून सख्‍ती से लागू करने के लिए नीतीश कुमार को बधाई दी है। साथ ही यह आग्रह भी किया है कि श’राबबं’दी काननू के तहत छोटी ग’लतियां कर तीन महीने से जेलों में बंद गरीब लोगों की जमानत भी होनी चाहिए। उनके जेल में रहने के कारण ऐसे गरीब परिवारों के बच्चे भूखे हैं।

आपको बता दें कि एनडीए में शामिल हुए हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी से पहले राजद प्रमुख लालू यादव के करीबी नेता माने जाते थे। इनके बारे में यह कहा जाता है कि वह दल बदलने के लिए काफी मशहूर है।

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