ममता बनर्जी की समझदारी ने बि’गाड़ा ओवैसी का खेल, AIMIM पर छाया संक’ट..

November 24, 2020 by No Comments

बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन की परफॉर्मेंस पहले के मुकाबले काफी अच्छी रही है। इसके बाद पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की उम्मीदें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बढ़ गई हैं। ओवैसी का मानना है कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल के चुनाव में भी ऐसा ही कमाल कर सकती है। लेकिन पश्चिम बंगाल में ओवैसी की पार्टी को एक बड़ा झ’टका लग गया है।

उनकी उम्मीदों को तृणमूल कांग्रेस ने एक बड़ा झ’टका दे दिया है। दरअसल पश्चिम बंगाल में ओवैसी की पार्टी के सबसे बड़े नेताओं में शुमार किए जाने वाले अनवर पाशा ने ओवैसी की पार्टी का दामन छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि उनके साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि AIMIM ने बिहार में बीजेपी को सत्ता में आने में मदद करने के लिए ध्रु’वीकर’ण किया।

इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि यह बहुत ख’तरना’क है और इसकी अनुमति बंगाल में नहीं दी जा सकती। अनवर पाशा ने कहा कि अगर बिहार मॉडल को बंगाल में लागू किया जाता है, तो यहां भारी ख़ू’न-ख़’रा’बा होगा, क्योंकि बंगाल में 30 प्रतिशत अ’ल्प’संख्य’क रहते हैं। इसलिए यहां ऐसी ताक़तों को रोकना जरूरी है।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि बिहार में इन्हें सफलता मिली है और अब यह ताकतें पश्चिम बंगाल में भी घु’सने की कोशिश कर रही हैं। यहां पर सालों से हर ध’र्म और स’मुदा’य के लोग शांति से मिलजुल कर रह रहे हैं। लेकिन अब उन्हें बढ़ने की कोशिश की जा रही है।

पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी की तारीफ़ करते हुए पाशा ने कहा कि वह ना’गरिकता सं’शो’धन अ’धिनियम और एन’आर’सी के खि’लाफ आवाज़ उठाने वाली एकमात्र सीएम हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि लोग और राजनीतिक दल ममता बनर्जी पर तु’ष्टिकर’ण की राजनीति करने का आ’रो’प लगाते हैं, लेकिन यह सच नहीं है क्योंकि अगर वह इमामों को पैसा देती हैं तो वह पुजारियों के साथ भी ऐसा करती हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *