इस दो सीटों पर कायम है राजद का द’बदबा, लालू यादव ने दो बा’हुबलियों के बाद अब..

September 14, 2020 by No Comments

बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और सभी राजनीतिक दलों दोबारा सीटों के गुना भाग शुरू हो चुके हैं। इसी के तहत पश्चिमी बिहार के 2 जिलों सारण और सिवान पर इस वक्त सभी की नजर टिकी हुई है। आपको बता दें कि इन जिलों के तहत विधानसभा चुनाव में 18 सीटें आएंगी खास बात यह है कि 9 जिलों में बा’हुब’ली नेताओं का खास प्रभाव है।

ये बा’हुबली नेता हैं शहाबुद्दीन और प्रभुनाथ सिंह। दोनों नेता लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाते हैं। इन दोनों सीटों के नेता अभी फिलहाल जेल में है। लेकिन बावजूद इसके सिवान और सारण में इनके परिवार का द’बद’बा कायम है। शहाबुद्दीन और प्रभुनाथ सिंह के बीच अदावत रही है और कई बार दोनों आमने-सामने आ चुके हैं। हालांकि राजद में आने के बाद से दोनों के बीच की तकरार ख’त्म हो गई है।

ऐसे में इन 18 विधानसभा सीटों पर राजद को फायदा मिलने की उम्मीद की जा सकती है। छपरा सारण और सिवान जिले में विधानसभा की 14 सीटें आती हैं उनमें से सारण में अमनौर, बनियापुर, छपरा, एकमा, गरखा, मांझी, मढौरा, परसा, सोनपुर, तरैया सीट आती है। वहीं सिवान में बरहरिया, दरौली, दरौंधा, गोरियाकोठी, महाराजगंज, रघुनाथपुर, सिवान और जीरादेई शामिल हैं।

अभी इनमें से 8 सीटों पर राजद, 5 पर जदयू, 3 पर भाजपा, एक पर कांग्रेस और एक पर सीपीआईएमएल का कब्जा है। बिहार के सारण और छपरा इलाके में प्रभुनाथ सिंह का द’बद’बा है। प्रभुनाथ सिंह ने पहली बार साल 1985 में विधानसभा चुनाव जीता था। साल 2004 के लोकसभा चुनाव में प्रभुनाथ सिंह ने जदयू के टिकट पर जीत हासिल की लेकिन बाद में साल 2012 में वह राजद में शामिल हो गए।

वहीँ 1995 का विधानसभा चुनाव शहाबुद्दीन ने राजद के टिकट पर लड़ा। साल 1996 से लेकर 2004 तक शहाबुद्दीन ने लोकसभा के चार चुनाव जीते। शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब फिलहाल सिवान सीट से चुनाव ल’ड़ चुकी हैं। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली है। शहाबुद्दीन का बेटा ओसामा शहाब भी इन दिनों छात्र राजनीति में सक्रिय बताया जाता है।

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