जेल में रहने के बावजूद बिहार में कायम लालू का दबदबा, जमानत मिलते ही राजद को…

February 22, 2021 by No Comments

बिहार की राजनीति में लालू यादव बो’लबाला हमेशा ही रहा है। चाहे वह जेल में ही क्यों न हो। हाल ही में लालू यादव को झारखंड हाईकोर्ट ने चा’रा घो’टाला मामले और दुमका कोषागार मामले में लालू यादव की जमानत एक बार फिर से खारिज कर दी है फिलहाल में है जेल की सजा के चलते दिल्ली एम्स में भ’र्ती हैं।

भले ही लंबे समय से लालू यादव बिहार की राजनीति से दूर चल रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद भी वह राजनीति के केंद्र में ही है। यहीं कारण है कि रविवार को पूर्व उप मुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद पर तं’ज कसा। इस मामले में उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि लालू प्रसाद चारा घोटाले में सजायाफ्ता हैं। फिलहाल न ही उनके ब’री होने के आसार हैं और न ही जमानत मिलने के। फिर भी पार्टी किसी अन्य बेदा’ग व्यक्ति को अध्यक्ष नहीं चुन पा रही है।

विधानसभा चुनाव में भी सत्‍ता पक्ष मतदाताओं को लालू का ही भय दिखाकर ही चुनाव मैदान में कू’दा था। 7 जून 2020 को भाजपा के वर्चुअल जनसंवाद में अमित शाह ने लालू-राबड़ी शासन की तुलना एनडीए के शासन काल से की थी। जनता दल यूनाइटेड प्रमुख नीतीश कुमार ने भी अपने बूथ स्तरीय पदाधिकारियों से बातचीत कार्यक्रम मैं लालू-राबड़ी के शासन की चर्चा की। यही कारण रहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में भी एनडीए और महागठबंधन की बिसात पर लालू ही बड़ा मोहरा बनकर उभरे।

माना जा रहा है कि चारा घोटाला में स’जा पाने के बाद रांची की जेल में बंद लालू यादव का कै’दी होकर भी राजनीति का केंद्र बने हुए हैं सत्ता पक्ष का उन पर हमेशा प्रभाव बना रहता है। लालू यादव को जेल में रहते मोबाइल सहित अन्य कई सुविधाएं देने जाने पर भी राजनीति ग’रमाई रहती है।

यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर लालू प्रसाद यादव जेल से बाहर आते हैं। तो राजद को ही नहीं। बल्कि पूरे विपक्ष को बल मिल सकता है और लालू यादव के बाहर आने से बिहार में चल रही डबल इंजन की नीतीश सरकार पूरी तरह से हिल सकती है।

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