करोड़ों की संपत्ति के मालिक ख़लील अहमद हैं इस खिलाड़ी के फैन

August 1, 2019 by No Comments

हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम की वेस्टइंडीज़ दौरे के लिए घोषणा हुई. एकदिवसीय और टी२० टीम में ख़लील अहमद को भी चुना गया है. हम आपको ख़लील अहमद के बारे में कुछ विशेष जानकारी देने जा रहे हैं. सबसे पहली बात तो ये कि ख़लील पूर्व तेज़ गेंदबाज़ ज़हीर ख़ान के बहुत बड़े फैन हैं. उन्हें राहुल द्रविड़ भी बहुत पसंद हैं. दोस्तों, भारतीय क्रिकेट टीम एक ऐसी टीम है, जहां पर लोग बहुत अमीर ख़ानदान से नहीं होते हैं ।बल्कि अपने अच्छे प्रदर्शन और खेल के बारे में अपनी रुचि के कारण कड़ी मेहनत और लगन के साथ अपनी जगह बनाते हैं।

महज 21 वर्ष के बेहतरीन गेंदबाज खलील अहमद ने अपने का सफर एशिया कप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हांगकांग से मैच के दौरान किया था।खलील ने अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण मैच हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ खेला था और उस मैच में 10 ओवरों में 48 रन देकर 3 विकेट लिए थे। उनकी से बेहतरीन प्रदर्शन के कारण लोगों ने काफी सराहा और फिर उन्हें भारतीय टीम में एक बार फिर से शामिल किया गया।खलील को वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेली जाने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज के शुरुआती दो मैचों में टीम में चुना गया है।

चौथे वनडे इंडियन टीम को 224 रनों से शानदार जीत में अहम भूमिका खलील अहमद की भी रही है, क्यूंकि इन्होने मात्र 5 ओवरों में 13 रन देते हुये तीन विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है। बेहद कम उम्र में भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होने का श्रेय खलील खुद राहुल द्रविड़ को देते हैं क्योंकि वह पहले अंडर-19 में खेलते थे और जिसके कप्तान राहुल द्रविड़ हैं।

यह जानना दिलचस्प है कि खलील अहमद कोई बहुत अमीर खानदान से नहीं है लेकिन अपनी मेहनत के कारण आज हुआ बहुत ही कम समय में करोड़पति हो गए हैं।5 दिसंबर 1997 को जन्में खलील अहमद लगभग 21 साल के युवा तेज गेंदबाज हैं। वह 140-145 की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं। आईपीएल 2018 में उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद ने 3 करोड़ की भारी-भरकम राशि में खरीदा था।

वह 2016-17 में दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम में भी शामिल थे।आपको बता दें कि खलील अहमद की खासियत है उनकी तेज रफ्तार और लाइन लेंथ। वह 145 किमी/घंटा की औसत रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं। उन्होंने एक घरेलू मैच में करीब 147 किमी/घंटा की रफ्तार से भी बॉल डाली थी। बचपने से ही उन्हें क्रिकेट से लगाव था। आगे चलकर वह राजस्थान की ओर से अंडर-16 और अंडर-19 में खेले। युवा क्रिकेटर के पिता कंपाउंडर हैं। वह चाहते थे कि बेटा पढ़-लिखकर डॉक्टर बने। पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

साभार: भारत दुनिया

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