किस सीट से कन्हैया कुमार लड़ेंगे चुनाव? लेफ्ट ने महागठबंधन के फैसले के..

September 28, 2020 by No Comments

बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। इसके साथ ही राज्य की तमाम राजनीतिक पार्टियों को अपने अपने गठबंधन में सम्मानजनक सीटें मिलने की चिंता सताने लगी है। एनडीए में इस वक्त सीटों को लेकर खींचातानी चल रही है वहीं महागठबंधन में भी राजनीतिक दलों को सीट बंटवारे के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

बताया जा रहा है कि जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की वजह से महागठबंधन को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल मांझी के छोड़ जाने के बाद और उपेंद्र कुशवाहा का रुख स्पष्ट ना होने के चलते महागठबंधन के दूसरे घटक दल वामपंथी पार्टियों को सम्मानजनक सीटें मिलने की उम्मीद है।

वामपंथी राजनीतिक दलों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सीपीआई, सीपीएम और सीपीआई एम एल कुल मिलाकर बिहार की 30 से 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहते हैं। लेकिन अभी भी कांग्रेस और राजद के गठबंधन वाले महागठबंधन से उन्हें किसी भी तरह का कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।

वरिष्ठ आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद के दे’हां’त के बाद गठबंधन और सीटों को लेकर दलों के बीच औपचारिक बातचीत अभी तक नहीं हो पाई है। इतना ही नहीं जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार का विधानसभा चुनाव लड़ना भी अभी तक तय नहीं है।

आपको बता दें कि कन्हैया कुमार इससे पहले साल 2019 में लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं लेकिन उन्हें जीत नहीं मिल पाई थी। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे थे कि कन्हैया कुमार अपने गृह जिले की किसी विधानसभा सीट से इस बार बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। हालांकि सीबीआई ने अभी तक उनकी उम्मीदवारी पर मुहर नहीं लगाई है। फिलहाल लेफ्ट पार्टियां महागठबंधन की तरफ से सीधे मिलने का इंतजार कर रही हैं।

सीपीआई के महासचिव डी राजा का कहना है कि, ‘बिहार विधानसभा चुनाव में हमारी प्राथमिकता है कि किसी भी तरह से बीजेपी महागठबंधन को हराया जाए। मांझी के जाने और कुशवाहा के अस’मंजस को देखते हुए लेफ्ट पार्टियों को महागठबंधन में सम्मानजनक सीटें मिलनी चाहिए।

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