इस वजह से सऊदी अरब को हो रहा है बहुत बड़ा नुक़सान, 500 कम्पनियों के..

November 9, 2019 by No Comments

एक रिपोर्ट के मुताबिक़, सऊदी अरब को यमन के साथ युद्ध से कम से कम 800 अरब डॉलर यानी क़रीब 57600 हज़ार करोड़ का नुकसान हुआ है। साल 2014 में सऊदी अरब का विदेशी मुद्रा भंडार 787 अरब डॉलर बताया गया था जो कि साल 2017 में 487 रह गया है। यहां तक कि सऊदी अरब को सीमा से अधिक क़र्ज़ लेने पर मजबूर होना पड़ा है। अब यह क़र्ज़ का बोझ सऊदी अरब पर 91000 अरब डॉलर से बढ़कर 149 अरब डॉलर हो गया है।

वरिष्ठ पत्रकार अली हिजाज़ी ने टीवी चैनल अल जज़ीरा को बताया है, कि रियाज़ की 382 कंपनियां सऊदी अरब की 500 कंपनियां दिवालिया होने की कगार पर हैं। बड़ी संख्या में व्यापारी सऊदी अरब छोड़कर जा चुके हैं। जबकि सऊदी अरब से लड़ने वाले हौसियों का कुछ हजज़ार डॉलर का ही नुकसान हुआ है। बता दें कि सऊदी अरब को यमन से युद्ध लड़ना आर्थिक रूप से बहुत बड़ी मुसीबत साबित हो रहा है। और इस युद्ध में सऊदी अरब को आर्थिक ही नहीं और भी कई मोर्चों पर नुकसान झेलना पड़ा है। बता दें कि सऊदी अरब के मुख्य घटक यूएई ने यमन युद्ध में सऊदी अरब को अकेला छोड़ दिया है।

क़मर आग़ा का कहना है कि सऊदी अरब एक अनचाहे दलदल में फ़ंस चुका है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि सऊदी अरब के यमन को लेकर जो उद्देश्य हैं, वह पूरे होते दिख रहे हैं। सऊदी अरब की तेल से होने वाली आमदनी कम हो गई है। और जंग का ख़र्चा बेइंतहा बढ़ गया है। लेकिन वह पीछे नहीं हट सकते। क्योंकि हूती अब नहीं मानेंगे। वहीं ए के पाशा का कहना है कि यमन के लोग हमेशा से अपने देश पर क़ब्जा करने की कोशिश करने वालों को भगाते रहे हैं।

इसी जज़्बे के साथ उन्होंने कुछ हफ्तों में ही जंग ख़त्म कर देने का दावा करने वाले सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को हैरान कर दिया है। पाशा ने कहा कि, सऊदी अरब ने कुछ हासिल नहीं किया, अपने हथियार गवाएं, अपनी छवि गवाई, क्राउन प्रिंस सलमान ने दावा किया था कि 2 हफ़्तों या 2 महीनों में जंग ख़त्म कर देंगे। लेकिन वह दावे खोखले साबित हुए हैं। उनकी काफी बदनामी हुई है। पाशा कहते हैं कि हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और अहम ठिकानों पर हमला करके उन पर दबाव बना दिया है।

उनके पास ऐसी तकनीक आ गई है, जिसके ज़रिए सऊदी अरब के अंदर लगातार हज़ारों की संख्या में ड्रोन भेज रहे हैं। उससे काफी नुकसान हो रहा है। खाड़ी में लाल सागर तक जाने वाली पाइप लाइनें, पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठान, एयरपोर्ट और बाकी आधारभूत ढांचे को भी विद्रोहियों ने काफी नुकसान पहुंचाया है। दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन रशीद अल मकतूम ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस को चेतावनी दी कि सऊदी अरब के अंदर हवाई अड्डे और दूसरे ठिकानों पर हूती जो बमबारी कर रहे हैं अगर एक या दो मिसाइल या बम दुबई में दाग़ दिए तो यहां का पूरा कबाड़ा हो जाएगा।