अमरीका की वजह से अब इन देशों पर भी भ’ड़का ईरान,’अगर हमें मुश्किल हुई तो हम..’

November 15, 2019 by No Comments

एक साल पहले अमेरिका ने ख़ुद को परमाणु समझौते से एकतरफा अलग कर लिया था। और अब ईरान ने भी इस तरह की बात कही है कि अगर उसकी चिंताएं दूर नहीं होंगी तो वो समझौते को उल्लंघन करेगा. ईरान ने यह घोषणा भी की है कि वह समझौते के कुछ प्रावधानों का तब तक उल्लंघन करता रहेगा जब तक कि उसकी चिंताएं दूर नहीं की जाती हैं।

परमाणु क़रार को लेकर अपने हालिया क़दम की आलोचना करने पर यूरोपीय देशों पर निशाना साधते हुए ईरान ने कहा है कि सभी यूरोपीय देश ईरान पर लगे प्रतिबंधों से राहत दिलाने में नाकाम रहे हैं। ईरान ने परमाणु समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हटते हुए तेहरान के दक्षिण में स्थित भूमिगत फ़रदो परमाणु संयंत्र में परमाणु संवर्धन आरंभ कर दिया था। जिस पर ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और यूरोपीय यूनियन ने एक संयुक्त बयान देते हुए इसे 2015 के परमाणु समझौते के तहत अनुचित बताया है।

ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने एक ट्वीट भी किया है। जवाद जरीफ ने तंज़ कसते हुए लिखा है कि, “आपने जेसीपीओए की प्रतिबद्धताओं को बरक़रार रखा? सच में?” वहीं ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि, “हमने एक साल तक इंतज़ार किया, दुनिया में हमें कोई भी यह कहकर दोष नहीं दे सकता है, कि आप आज जेसीपीओए के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को क्यों छोड़ रहे हैं। और फ़रदो में गतिविधियां क्यों शुरू कीं।”

ईरान का कहना है कि इस समझौते के तहत जो आर्थिक लाभ उसे मिलने चाहिए थे, वह नहीं मिल रहे हैं, और ईरान चाहता है कि इस दबाव को कम करने में यूरोपीय देश उसकी मदद करें। ख़ासकर ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी इस समझौते में हैं। लेकिन, वाशिंगटन और तेहरान के बीच उनकी स्थिति असहाय हो गई है। हालांकि, जेसीपीओए पर अमेरिका और यूरोपीय सहयोगी देशों में तीखे मतभेद हैं। लेकिन, वास्तविकता ये है कि ईरान को लेकर सबकी चिन्ताएं एक जैसी हैं। जैसे इसकी परमाणु गतिविधियां, इसके मिसाइल कार्यक्रम, और इलाके में इसका व्यवहार।