राजस्थान में फिर सियासी हलचल तेज! कांग्रेस ने विधायकों को 5-5 करोड़ रूपये..

November 30, 2020 by No Comments

राजस्थान की गहलोत सरकार इस साल काफी चर्चा में बनी रही है। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच का तनाव यहां तक पहुंच गया था कि राज्य में सरकार गिरने तक की नौबत आ गई।

राजस्थान में एक बार फिर गहलोत सरकार की स्थिरता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल इस मामले में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के ट्वीट ने चर्चाओं का बाजार ग’र्म कर दिया है।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री ही खरीद फ’रो’ख्त का चक्रव्यूह रच रहे हैं और जनता को गु’म’रा’ह कर रहे हैं। इस मामले में उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि गहलोत सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों और जनमत से खि’लवा’ड़ कर रही यह किसी से छिपा नहीं है, पर अब पार्टी के ही वरिष्ठ विधायक महेंद्रजीत सिंह मालवीय की आम जनता के सामने स्वीकारोक्ति से साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि राज्य की गहलोत सरकार द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त़ कर विधानसभा में हासिल किया गया। विश्वास मत वास्तव में जनता से किया गया छल था, इसी प्रकार राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत भी सं’देहास्प’द है। उनका कहना है कि जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक तरफ बा’ड़ेबं’दी की कहानी सुनाई। वहीं दूसरी तरफ विधायकों की खरीद-फ’रो’ख्त का च’क्र’व्यूह धीरज कर जनता को गु’म’राह किया है। उन्होंने अपने इस धो’खे से ध्यान हटाने के लिए भारतीय जनता पार्टी पर खड़े ह’मले बोले हैं। लेकिन अब उनके इस ष’ड्यं’त्र के सारे रहस्य खुल रहे हैं।

गौरतलब है कि कांग्रेस विधायक महेंद्रजीत मालवीय कथित तौर पर यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के दो विधायकों ने सरकार का समर्थन करने के लिए 10 करोड़ रुपये लिए।

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