कर्नाटक में फिर से राजनीतिक सं’क’ट, इतने विधायक हुए बा’गी और ख’तरे में

May 30, 2020 by No Comments

भारत में को’रो’ना वा’य’रस सं’क्रम’ण से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक कर्नाटक भी है। जहां पर क’रो’ना सं’क्रमि’त मरी’जों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। जिसके चलते कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की मु’श्कि’लें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। एक तरफ करो ना वायरस के खिलाफ जं’ग तो वहीं दूसरी तरफ उनके खिलाफ 20 बागी विधायकों ने मोर्चा खोल दिया है।

ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि कर्नाटक में एक बार फिर रा’जनी’तिक सं’क’ट खड़ा हो सकता है। दरअसल बागी विधायक उमेश कती के समर्थक हैं जोकि बेलगाम जिले के ताकतवर लिंगायत नेता है। गौरतलब है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ आवाज उठाने वाले ज्यादातर विधायक उत्तर कर्नाटक से हैं।

ये सारे बागी विधायक उमेश कत्ती से समर्थक हैं। उमेश कत्ती बेलगाम जिले के ताकतवर लिंगायत नेता है। गुरुवार को उन्होंने 20 विधायकों को डिनर पर बुलाया। हालांकि इस पार्टी और बैठक के बारे में कोई अधिकारिक तौर पर बात नहीं कर रहा है। लेकिन कहा जा रहा है कि ये सारे विधायक मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ गोलबंद हो रहे हैं।

कहा जा रहा है कि उमेश कत्ती और बाकी विधायक यह चाहते हैं कि मुख्यमंत्री येदियुरप्पा अपने कामकाज करने के तरीके में बदलाव लाएं। विधायकों की मांग है कि उमेश कत्ती को कैबिनेट मंत्री बनाया जाए। इसके अलावा इन सब की एक और डिमांड यह है कि उमेश कत्ती के भाई रमेश को राज्यसभा भेजा जाए। इसी बीच खबर सामने आई है कि मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने उमेश कती को मीटिंग के लिए बुलाया है।

साथ ही ताजा घटनाक्रम पर उनसे जवाब भी मांगा है। उधर एक और लिं’गा’यत विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री बीआर पाटिल यतनाल को लेकर येदियुरप्पा ना’रा’ज़ चल रहे हैं। येदियुरप्पा को लग रहा है कि वो सरकार के खिलाफ काम कर रहे हैं। हालांकि ताजा राजनीतिक घट’ना’क्रम को येदि’युर’प्पा के समर्थकों ने तरजीह नहीं दी है। उनका कहना है कि ये’दियुर’प्पा की सरकार पूरी तरह सुर’क्षित है।

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