हवा से भी फैल रहा है कोरोना, 32 मुल्कों के 239 एक्सपर्ट्स ने WHO को ..

July 6, 2020 by No Comments

दुनिया भर में तेजी से फै’ल रहे को’रोनावा’यरस सं’क्रम’ण की वजह से जिंदगी अभी तक पटरी पर नहीं आ पा रही है। को’रोना’वाय’रस म’री’जों के बढ़ रहे आंकड़े के चलते भारत अब इस मामले में तीसरे नंबर पर आ पहुंचा है। को’रोनावा’यरस म’हामा’री पर हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने तमाम देशों की परेशानी को और बढ़ा दिया है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक यह कहा जा रहा है कि को’रोना’वाय’रस हवा से भी फैल रहा है। जिससे आसपास के लोग तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। वैज्ञानिकों का यह दावा किया गया है कि वा’यरस ह’वा के जरिए पहल कर एक बड़ी आबादी को सं’क्रमि’त कर सकता है। इनडोर क्षेत्रों में शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करने के बावजूद सं’क्रमित व्यक्ति से अन्य लोग आसानी से हवा के जरिए सं’क्रमि’त हो सकते हैं।

इसलिए चार दीवारी में भी मास्क पहनने की जरुरत है। इधर वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन लंबे समय से मानता रहा है कि ये वायरस श्वसन नली से निकले छोटे-छोटे कणों की वजह से फैलता है। किसी संक्रमित व्यक्ति द्वारा खां’सने या छीं’कने पर इसके कण फर्श या कहीं और गि’र जाते हैं, जिससे दूसरे लोग सं’क्र’मित हो जाते हैं।

डब्ल्यूएचओ को एक ओपन लेटर में 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने सबूत दिखाते हुए बताया कि इसके हवा में फै’लने से भी लोग सं’क्रमि’त हो सकते हैं। इन वैज्ञानिकों ने संगठन से अपनी सिफारिशों में फौरन इसके दिशा-निर्देश बदलने की मांग की है। रिसर्च और अगले हफ्ते एक वैज्ञानिक पत्रिका में अपने इस ओपन लेटर को प्रकाशित भी करने वाले हैं।

World Health Organization leaders at a press briefing on COVID-19, held on March 6 at WHO headquarters in Geneva. Here’s a look at its history, its mission and its role in the current crisis.

बताया जाता है कि कोरोनावायरस पर नए अपडेट में 29 जून को डब्ल्यूएचओ ने कहा कि वा’यर’स का एयरपोर्ट ट्रांसमिशन सिर्फ मेडिकल प्रक्रियाओं के तहत ही है। संभव है जब एरोसोल का उत्पादन हो या इसके बूंदें 5 माइक्रोन से भी छोटी हों। एक माइक्रोन एक मीटर के दस लाखवें हिस्से के बराबर होता है। डब्ल्यूएचओ ने अभी हालांकि वैज्ञानिकों की मांग का कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है।

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