हि’न्दू-मु’स्लि’म न’फ’रत फै’लाने वालों पर भ’ड़की SP अनुषा, एक मु’सलमा’न की वजह से ही आज मैं..

April 12, 2020 by No Comments

चीन से शुरू हुए ख’तरना’क क’रो’ना वा’यर’स की च’पे’ट में दुनिया के ज्यादातर देश बु’री तरह से आ चुके हैं। अगर भारत की बात की जाए तो करो’ना वा’यरस से सं’क्र’मित अब तक लगभग 8000 मामले सामने आ चुके हैं और 200 से ज्यादा लोगों की मौ’त हो चुकी है।

इस महा’मा’री के बीच सोशल मीडिया पर इन दिनों हिं’दू मु’स’लमा’नों को लेकर न’फर’त फै’ला’ने का काम किया जा रहा है। दरअसल बीते दिनों दिल्ली के निजामुद्दीन में त’बली’गी ज’मात के कुछ सदस्यों का कोरो’ना पॉ’जिटिव आने के बाद ध’र्म वि’शेष के लोगों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस न’फ’रत को देखते हुए एक महिला अफसर भ’ड़’क गई हैं।

सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वा’यर’ल हो रहा है। जिसमें वह यह कहती हुई नजर आ रही हैं कि भारत की एकता को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। जबकि हिं’दू मु’स्लि’म सब एक हैं और आज मैं जिं’दा भी एक मु’स’लमा’न की वजह से हूं। REPORTLOOK की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक के धा’र’वाड़ की एसीपी अनुषा को’रो’ना सं’कट के बीच सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे सां’प्रदा’यिक वीडियोज और कंटेट को देख काफी आहत हैं।

वह को’रो’ना के खि’लाफ ए’कजु’ट होकर लड़ने के लिए अपने कार्यक्षेत्र में मु’स्लि’म समुदाय के नेताओं को संबोधित कर रही थीं. उन्होंने कहा कि फेसबुक, व्हाट्सएप, टिक टॉक के जरिए भारत की एकता को तो’ड़’ने की कोशिश की जा रही है। 2014 की बैच अधिकारी ने कोरोना के बीच न’फर’ती माहौल बनाए जाने पर अपने विचार भी साझा किए।

इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि साल 2002 के गुज’रा’त दं’गों के दौरान एक मुस’ल’मान डॉक्टर ने ही उनकी जा’न बचाई थी। एसपी अनुषा के मुताबिक गो’ध’रा घटना के बाद जब पूरे राज्य में सबसे अधिक हिं’सा फै’ल गई थी, हालात इतने ख’रा’ब हो गए थे कि घरों से भी बाहर निकलना मु’श्कि’ल था। उस दौरान एक बच्ची अचानक बी’मा’र हो गई। जिसकी हालत गं’भी’र थी। जब राज्य के सभी अस्पताल बंद थे। तब एक मु’स्लि’म डॉक्टर ने आगे आकर उसका इ’लाज किया वह बच्ची और कोई नहीं मैं हूँ।

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