कोरोना को लेकर वैज्ञानिकों का बड़ा खु’ला’सा, भारत में नवंबर-दिसंबर के बीच ही..

June 4, 2020 by No Comments

भारत में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। आज के दिन के आंकड़ों के मुताबिक भारत में को’रो’ना सं’क्रमि’त म’री’जों की संख्या का आंकड़ा 2.16 लाख से ऊपर जा चुका है। इसी बीच एक चौं’काने वाली खबर सामने आई है। दरअसल भारत में कोरोना वा’यरस का पहला केस 30 जनवरी को केरल में सामने आया था लेकिन देश के प्रमुख अनुसंधान संस्थानों के शीर्ष वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि भारत में को’रोना वा’य’रस नवंबर से दिसंबर के बीच ही घु’स गया था।

विज्ञान की भाषा में कहा जाए तो दरअसल इंडियन स्ट्रेन का मोस्ट रिसेंट कॉमन एंसेस्टर यानी MRCA नवंबर, 2019 से ही फै’ल रहा था। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि वुहान के नोवल को’रोना वायरस स्ट्रेन के पहले वाले रूप का प्रसार पिछले साल 11 दिसंबर तक रहा।

एमआरसीए वैज्ञानिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए वैज्ञानिकों ने यह अनुमान लगाया है कि अभी भी तेलंगाना सहित अन्य राज्यों में कोरोना का जो स्ट्रेन चल रहा है वह 26 नवंबर से 25 दिसंबर के बीच पैदा हुआ था। जिसकी औसत तारीख 11 दिसंबर मानी जा रही है। हालांकि क्या सच में 30 जनवरी से पहले चीन के यात्रियों द्वारा भारत में करो’ना एंटर कर गया था।

इस पर अभी किसी भी तरह की पुष्टि नहीं हो पाई है क्योंकि तब देश में कोरोना टेस्टिंग बड़े पैमाने पर नहीं हो पा रही थी। इस मामले में CCMB के डायरेक्टर डॉक्टर राकेश मिश्रा ने बताया कि केरल में मिले भारत के पहले कोरोना केस का स्ट्रेन वुहान से जुड़ा हुआ था लेकिन हैदराबाद में कोरोना के जिस नए स्ट्रे’न की खो’ज हुई है। उसकी जड़े चीन में नहीं बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया के किसी देश की है।

हालांकि अभी भी यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जो नया ट्रेन इंडिया में मौजूद है वह किस देश से पैदा हुआ है। रिसर्च में सीसीएमबी भी शामिल था। गौरतलब है कि वैज्ञानिकों ने देश में कोरोना वायरस के जिसमें स्ट्रेन की खोज की है। वह तमिलनाडु, तेलंगाना, महाराष्ट्र और दिल्ली में बड़े पैमाने पर फैल रहा है। बिहार, कर्नाटक, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात और मध्य प्रदेश में भी ये नया स्ट्रेन फैल रहा है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *