PM मोदी की आलोचना न करने की सलाह देने वाले नेता को कांग्रेस ने दी अहम जिम्मेदारी..

September 7, 2020 by No Comments

कांग्रेस ने आने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ही प्रदेश के लिए घोषणा पत्र समिति सहित कुल 7 समितियों का गठन कर लिया है। बताया जाता है कि यूपी कांग्रेस के बड़े नेताओं जैसे पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद पूर्व यूपी कांग्रेस चीफ राज बब्बर और एआईसीसी झारखंड इंचार्ज आरपीएन सिंह को बाहर रखा गया है। दरअसल इनमें एक नेता को घोषणा पत्र बनाने का काम सौंपा गया था।

इस मामले में पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उत्तर प्रदेश के लिए घोषणा पत्र समिति, संपर्क समिति, सदस्यता समिति, कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति, प्रशिक्षण एवं कैडर विकास समिति, पंचायती राज चुनाव समिति और मीडिया एवं संचार परामर्श समिति के गठन को मंजूरी दी है।

आपको बता दें कि साल 2017 में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव ल’ड़ा था। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के बावजूद यूपी में सिर्फ 7 सीटें हासिल की थी। वहीं बीते साल हुआ हुए लोकसभा चुनाव में पार्टी महज एक सीट जीतने में कामयाब रही। तब कांग्रेस प्रमुख रहे राहुल गांधी भी नेहरू-गांधी का गढ़ कह जाने वाले अमेठी से चुनाव हार गए थे।

नई समितियों में सलमान खुर्शीद छह सदस्यीय घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष होंगे। इस समिति के सदस्य पीएल पूनिया, सीएलपी नेता अराधना मिश्रा, एआईसीसी सचिव विवेक बंसल, पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया और अमिताभ दुबे हैं। समिति में कांग्रेस नेता शशि थरूर को भी जगह दी गई है।

इसी तरह प्रमोद तिवारी संपर्क समिति के मुखिया होंगे। उत्तराखंड के एआईसीसी प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह सदस्यता समिति के प्रमुख होंगे। राशिद अल्वी की एक बार फिर वापसी हुई है और वो मीडिया पैनल के प्रमुख होंगे। समितियों में जिन लोगों को शामिल नहीं किया गया उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला और श्रीप्रकाश जायसवाल भी शामिल हैं।

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