इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सीएम योगी को दिया बड़ा झ’टका, नहीं दखल दे सकती सरकार…

November 26, 2020 by No Comments

बीते दिनों से देश में ल’व जि’हाद को लेकर कानून बनाए जाने के लिए चर्चा जो’रों शोरों से किए जा रही है। भाजपा शासित राज्यों में इससे संबंधित कानून बनाने पर विपक्षी दलों ने विरो’ध जाहिर किया है। भाजपा के कई राज्य कह रहे हैं कि जल्द ही उन्होंने अपने राज्य में ल’व जि’हाद के खिलाफ कानून लाने पर फैसला लेने पर विचार करना शुरू कर दिया है और इस संदर्भ में वह जल्द ही काम करेंगे।

उत्तर प्रदेश की ताजी खबर सामने आ रही है जो प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इरादों पर पानी फेर सकती है। दरअसल इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इं’टर-का’स्ट मैरि’ज को लेकर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा है अगर दो ना’बालि’ग एक दूसरे के साथ रहना चाहता है तो उन्हें कोई भी रोक नहीं सकता है। ना ही उनका परिवार और ना ही राज्य ना’बालि’गो के ज़िन्दगी में दखल नहीं दे सकता है।

कोर्ट का कहना है कि किसी भी शख्स को अपनी पसंद का जीवन साथी चुनने का पूरा अधिकार है। कोई भी कानून दो बालिग लोगों को एक साथ रहने की इजाजत देता है। फिर चाहे वह विपरीत से’क्स के हों या समान से’क्स के। कुछ दिनों पहले इलाहाबाद कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था की सिर्फ शादी के लिए ध’र्म-परिवर्तन करना मान्य नहीं है। दरअसल उत्तर प्रदेश के कुशीनगर की रहने वाली प्रियंका खरवार ने मु’स्लिम शख्स से शादी रचाई थी।

जिसके बाद प्रियंका ने अपना नाम आलिया कर लिया। प्रियंका के परिवार ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवा मु’स्लिम युवक पर उनकी बेटी को बह’ला-फु’सलाकर भगा ले जाने का आ’रोप लगाया।

इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पंकज नकवी और जस्टिस विवेक अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा है कि प्रियंका खरवार उर्फ आलिया की उम्र 21 वर्ष है। वह अपनी मर्जी से अपने पति के साथ रह सकती है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पो’क्सो एक्ट नहीं लागू होता है।

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