मुख्यमंत्री पद को लेकर बढ़ी शिवसेना की चिं’ता, एनसीपी और कांग्रेस कर सकते हैं..

April 29, 2020 by No Comments

जहां इस वक्त महाराष्ट्र में को’रो’ना वा’य’रस सं’क्रम’ण का खतरा मंडरा रहा है। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की कुर्सी पर भी संकट के बादल छा गए हैं। दरअसल उत्तर ठाकरे का बतौर मुख्यमंत्री 6 महीने का कार्यकाल पूरा होने में अब सिर्फ 1 महीने से भी कम वक्त रह गया है।

ऐसे में वह किसी भी सदन के सदस्य बने इसके लिए महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट ने उद्धव ठाकरे का नाम राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास बताओ और एमएलसी मनोनीत करने के लिए भेजा है। लेकिन अभी तक राज्यपाल ने इस मामले में उद्धव ठाकरे को मनोनीत नहीं किया है। जिसकी वजह से उधव ठाकरे की चिं’ता बढ़ती जा रही है।

महाराष्ट्र कैबिनेट ने बीते 9 अप्रैल को सरकार की तरफ से उद्धव ठाकरे का नाम राज्यपाल को भेजा था ताकि उन्हें गवर्नर कोटे से महाराष्ट्र विधान परिषद में भेजा जा सके। महाराष्ट्र के सीएम और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को सं’वि’धान के तहत 28 मई 2020 तक किसी सदन का सदस्य बनना जरूरी है।

माना जा रहा है कि कोरोना वा’य’रस म’हामा’री के सं’क’ट के बीच राज्यपाल ठाकरे के मनोनयन को लेकर जा’नबू’झक’र देरी कर रहे हैं। बीते दिनों शिवसेना नेता संजय राउत ने इसे लेकर राज्यपाल पर निशाना भी साधा था। उन्होंने राजभवन को रा’जनी’ति का अ’खा’ड़ा न बनाने की सलाह देते हुए राज्यपाल से सवाल किया था कि उन्हें ठाकरे को एमएलसी मनोनीत करने से कौन रोक रहा है?

शिवसेना नेता संजय राउत ने तकरीबन आरोप लगाते हुए यह भी कहा था कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की बीजेपी से नजदीकी किसी से छिपी नहीं है लेकिन यह राजनीति करने का वक्त नहीं है। दरअसल 24 मार्च को विधान परिषद की धुले नांदुरबार सीट पर उपचुनाव होना था। 24 अप्रैल को विधान परिषद की 9 और सीटें खाली हुआ थी। उ’द्धव ठाकरे ने उम्मीद लगाई थी कि वह इनमें से किसी एक सीट से चुनाव जीत जाएंगे और मुख्यमंत्री बने रहेंगे। इसी बीच को’रो’ना वा’यर’स की वजह से इन 10 सीटों पर चुनाव टा’ल दिए गए हैं।

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