चुनाव से पहले भाजपा में जाने वाले NCP नेताओं में छ’टपटाहट, सरकार बनते देख..

November 18, 2019 by No Comments

मुंबई: कहते हैं कि राजनीति एक ऐसी चीज़ है जिसमें चुनाव के पहले और चुनाव के बाद बहुत कुछ बदल जाता है. एक तरफ़ ऐसा लग रहा था मानो भाजपा और शिवसेना मिलकर सरकार बना लेंगे. चुनाव से पहले तो ऐसी भी चर्चा थी कि भाजपा अकेले ही इतनी सीटें ले आएगी कि वो सरकार बना ले लेकिन चुनाव के बाद सारे दावे ध्वस्त हो गए हैं.

कुछ नेता जो एनसीपी छोड़कर भाजपा में गए थे वो अब वापिस एनसीपी में आना चाहते हैं. इन नेताओं ने बड़े दावे से कहा था कि एनसीपी तो ख़त्म हो चुकी पर जिस तरह से चुनाव के नतीजे आये ये नेता भी चौंके हुए हैं. अब ये लोग वापिस आना चाहते हैं पर आएँ कैसे. इस बारे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख जयंत पाटिल ने एक बयान देते हुए कहा है, कि जो लोग विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को छोड़कर चले गए थे, उनकी ‘घर वापसी’ का आधार अब सिर्फ़ उनकी योग्यता पर ही निर्भर करेगा।

उन्होंने कहा कि अगर पार्टी छोड़कर जाने वाले विधायक पार्टी में वापस लौटना चाहते हैं, तो यह पार्टी तय करेगी कि वह उसके योग्य हैं या नहीं, पार्टी के महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख जयंत पाटिल ने बताया, कि विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी में शामिल होने वाले कई विधायक पार्टी के संपर्क में हैं। जब जयंत पाटिल से पूछा गया कि क्या एनसीपी में कोई ‘मेगा भर्ती’ होने वाली है, तो उसका जवाब देते हुए जयंत पाटिल ने इस बात से इंकार करते हुए बताया, कि कोई ‘मेगा भर्ती’ नहीं होने वाली है, और जो भी विधायक पार्टी में वापस लौटना चाहते हैं, उन्हें अपनी योग्यता के आधार पर ही पार्टी में शामिल किया जाएगा।

उन्हें पार्टी में शामिल करते हुए हमें हर निर्वाचन क्षेत्र से उन युवा नेताओं द्वारा दिखाई गई वफादारी पर भी विचार करना होगा, जो हमारे साथ रहे। साथ ही जब जयंत पाटील से शिवसेना या बीजेपी को समर्थन देने में मतभेद की बात पूछी गई तो जयंत पाटिल ने इस बात से इनकार किया कि पार्टी में किसी भी तरह का संशय या मतभेद है। जयंत पाटिल का कहना था कि अंतिम निर्णय तो शरद पवार को ही लेना है। लेकिन, उस पार्टी (बीजेपी) के साथ जाने का सवाल ही नहीं है, जिसके ख़िलाफ़ एनसीपी ने चुनाव लड़ा। ऐसी पार्टी जो वैचारिक रूप से अलग है।