CAA के खिलाफ शाहीन बाग में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, प्रदर्शन करने का…

February 13, 2021 by No Comments

साल 2018 में मोदी सरकार द्वारा ना’गरिकता सं’शो’धन का’नून और एनआरसी लाने का ऐलान किया गया था। जिसके विरोध में देशभर में प्रदर्शन किए गए थे। इस सब में सबसे ज्यादा चर्चित रहा। दिल्ली के शाहीन बाग का वि’रोध प्र’दर्शन। जो कि कई महीनों तक चलता रहा लेकिन साल 2019 की शुरुआत में जब देश में को’रोना म’हामा’री ने दस्तक दी। तो इसके चलते शाहीन बाग प्र’दर्शन खत्म करना पड़ा।

इस मामले में अब देश के सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रदर्शन करने का अधिकार कहीं भी और कभी भी नहीं हो सकता और इसने पिछले साल पास अपने आदेश की समीक्षा की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। दरअसल बीते साल अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि शाहीन बाग में ना’गरि’कता सं’शो’धन कानून के खि’लाफ प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक रास्ते पर क’ब्जा जमाना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कुछ अचानक प्रदर्शन हो सकते हैं। लेकिन लंबे समय तक असहमति या प्रदर्शन के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लगातार क’ब्जा नहीं किया जा सकता है। जिससे दूसरे लोगों के अधिकार प्रभावित हों। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि हमने समीक्षा याचिका और सिविल अपील पर गौर किया है और आश्वस्त हैं कि जिस आदेश की समीक्षा करने की मांग की गई है। उसमें पुनर्विचार किए जाने की जरूरत नहीं है।

पीठ ने हाल में फैसला पारित करते हुए कहा कि इसने पहले के न्यायिक फैसलों पर विचार किया और गौर किया कि प्रदर्शन करने और असहमति व्यक्त करने का संवैधानिक अधिकार है लेकिन उसमें कुछ कर्तव्य भी हैं। पीठ ने शाहीन बाग निवासी कनीज फातिमा और अन्य की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शन करने का अधिकार कहीं भी और कभी भी नहीं हो सकता है। कुछ अचानक प्रदर्शन हो सकते हैं लेकिन लंबी समय तक अ’स’हमति या प्रदर्शन के मामले में सा’र्वजनिक स्थानों पर लगातार क’ब्जा नहीं किया जा सकता है।

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