कांग्रेस के गढ़ में बढ़ी भाजपा की मुसीबत, सिंधिया के कारण उपचुनाव में..

September 4, 2020 by No Comments

मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाले हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इन उपचुनाव में जो राजनीतिक दल बाजी मारेगा राज्य में उसी की सरकार स्थापित होगी अभी भाजपा की सरकार राज्य में सत्तारूढ़ है। लेकिन बहुमत को बनाए रखने के लिए यह उपचुनाव काफी अहम माने जा रहे हैं।

कांग्रेस में हुई बगावत के बाद ही मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार द्वारा बनी है। दरअसल कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने के बाद भाजपा में शामिल होने के बाद ही पार्टी का पासा पलटा है।

अब खबर सामने आ रही है कि उपचुनाव से पहले भाजपा अपने नाराज हुए नेताओं को मनाने में जुट गई है। बताया जा रहा है कि राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने भी ग्वालियर पहुंचकर पार्टी से नाराज चल रहे नेताओं के साथ मुलाकात की है।

दरअसल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ग्वालियर में पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया के घर पहुंचे थे। जहां पर दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में करीब 1 घंटे भर तक मुलाकात हुई। इसके अलावा ग्वालियर के कई और भाजपा नेताओं से मिलकर उनकी बात सुनी जा रही है और उन्हें मनाने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा ये तो जानती है कि सरकार होने की वजह से उसे कुछ लाभ मिल सकता है लेकिन कांग्रेस को कम आंकना पार्टी के लिए बड़ी भूल साबित हो सकती है। मध्य प्रदेश में 27 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, इसमें ग्वालियर-चम्बल संभाग अहम् है क्यूंकि इस संभाग से 16 सीटें हैं। ग्वालियर चंबल लम्बे समय तक कांग्रेस का गढ़ रहा है लेकिन ये तब था जब ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में थे। अब वैसा ही रहेगा ऐसा कहना मुश्किल है. हालाँकि ये भी हक़ीक़त है कि कांग्रेस लोकल लेवल पर काफ़ी सक्रिय पार्टी है यहाँ।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *