बिहार में इन मु’स्लिम युवाओं ने पे’श की अनोखी मि’साल, इतनी महिलाएँ हैं शा’मिल ..

December 2, 2019 by No Comments

देश में मुस्लि’मों की शिक्षा का प्रति’शत सबसे क’म है। अगर कुछ अपवा’दों को छो’ड़ दें, तो मुस्लि’म समाज का एक बड़ा हिस्सा अशिक्षा, और अशिक्षा की वजह से ब’दहाली और जीवन के बु’रे हाला’तों का शि’कार है। लेकिन अब बदलते समय के साथ मुस्लि’म समा’ज भी बद’ल रहा है। और इस बद’लते समय का ज़ो’रदार ऐला’न करती एक सुखद ख़’बर आ रही है, बिहार राज्य से। जहां मु’स्लिम समा’ज से ता’ल्लुक रखने वाले युवाओं ने ख़ुद को बद’लते समय का पुरो’धा साबित करते हुए, न्यायिक सेवा परीक्षा में सफलता का पर’चम लहराया है।

आशा है कि इन युवाओं की सफलता अब मुस्लि’म समा’ज के सामने सफलता की एक नज़ी’र पेश करेगी, और इससे प्रे’रित होकर अब मुस्लि’म समाज के लोग ख़ुद तो शिक्षा का मह’त्व समझेंगे ही साथ ही साथ अपने बच्चों को शिक्षित करने में भी कोई क़’सर नहीं छो’ड़ना चाहेंगे। शुक्र’वार को आए न्या’यिक सेवा परी’क्षा के परि’णामों के अनु’सार, 30 वीं बिहार न्या’यिक सेवा परी’क्षा में कुल 1080 अभ्य’र्थियों को इंटर’व्यू के लिए बुलाया गया था, जिनमें 687 लोगों को चुना गया।

प्रतीकात्मक तस्वीर

बिहार में कुल 22 मुस्लि’म ज’ज बने हैं। और इनमें से 7 महिला ज’ज बनी हैं। पटना की हिजा’ब पहनने वाली ल’ड़की सनम हया’त ने सभी मुस्लि’म प्रतिभा’गियों में सबसे ज़्यादा रैं’क हा’सिल की है। सनम हयात की 10 वीं रैं’क आई है। वहीं झारखं’ड के बोका’रो की शबन’म ज़’बीं के जज बनने पर भी उनकी सफलता के लिए उन्हें स’राहा जा रहा है। बता दें कि मुस्लि’म समाज के युवाओं की यह सफलता नई नहीं है, बल्कि लगातार जारी रहने वाली सफलता की एक क’ड़ी है। यूपी में न्या’यिक से’वा में 38 मुस्लि’मों ने बा’ज़ी मा’री, जिसमें 18 ल’ड़कियां हैं। राजस्थान न्या’यिक से’वा में चु’ने गए मु’स्लिमों में 6 में से 5 ल’ड़कियां हैं।

स’नम हया’त रैंक-10, महवि’श फा’तिमा-रैंक 29, मोह’म्मद अफ़’ज़ल ख़ा’न-रैंक 109, मो’हम्मद अक’बर अंसा’री-रैंक 134, गज़ा’ला सा’हिबा-रैंक 177, शारि’क है’दर-रैंक 117, आसि’फ नवा’ज़-रैंक 121, नाज़ि’या ख़ा’न-रैंक 131, उज़’मा क़’मर-रैंक 133, नाज़ि’म अहम’द-रैंक 289, शबन’म ज़’बीं-रैंक 294, मोहम्मद शो’एब-रैं’क 398, मासूम ख़ान’म-रैंक 440, सफ़’दर सा’लन-रैंक 44, मो’हम्मद फहद हु’सैन-रैंक 447, सबा श;कील-रैंक 486, शाद र;ज़्ज़ाक़-रैंक 506, मह’ज़बी ना’ज़-रैंक 541, मस’रूर आ’लम रैंक-559, गुला’म रसू’ल-रैंक 464, सर’वर अंसा’री-रैंक 524, इज़्म्मु’ल ह’क़-रैंक 471