भारत का ये समु’दाय बिना लाय’सेंस भी रख सकता है हथि’यार

November 19, 2019 by No Comments

जैसा कि सभी जानते हैं देश में किसी को अपने पास हथि’यार रखना हो तो उसे उस हथि’यार का लाय’सेंस रखना बहुत ज़रूरी होता है। लाय’सेंस से ये पता चलता है कि हथि’यार का दुरू’पयोग नहीं किया गया बल्कि सिर्फ़ अपनी सुर’क्षा के लिए उसे रखा गया है। जिसके पास भी लाय’सेंस के बि’ना हथि’यार मिलते हैं उन्हें ग़ै’रक़ानू’नी ढंग से हथि;यार रखने के लिए दं’ड या जु’र्माने का प्राव’धान है साथ ही उनका हथि’यार ज़’ब्त भी कर लिया जाता है। लेकिन देश में एक ऐसा समु’दाय भी है जिसके लिए ये निय’म है बिलकुल अलग।

कर्नाटक का एक ल’ड़ाका समुदाय है कु’र्ग के कोड’वाओं का, जिन्हें ब्रिटि’श शा’सन का’ल से ही बिना किसी लाइ’सेंस के पि’स्तौल, रिवा’ल्वर और दो न’ली शॉ’ट ग’न जैसे अ’ग्निया’स्त्र रखने की छू’ट मिली हुई है। कोडवा समुदाय के लोग ‘का’लीपो’ढ़’ उत्सव पर अ’स्त्रों की पूजा करते हैं इसलिए सर;कार ने इस समु’दाय की सांस्कृ’तिक और धा’र्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ब्रिटि’श का’ल से चली आ रही इस बि’ना लाइ’सेंस के आ’ग्नेया’स्त्र रखने की छू’ट को जारी रखने का फ़ै’सला किया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

केंद्रीय गृह मंत्रा’लय की अधिसू’चना के अनुसार जिन लोगों को यह छू’ट दी गई है उनमें कु’र्ग समु’दाय का हर एक व्यक्ति शामिल है। इसके साथ ही कोडवा या कु’र्ग देश का एकमात्र ऐसा समु;दाय बन गया है, जो बि’ना किसी लाइ’सेंस के आ’ग्नेया’स्त्र रख सकता है और केंद्र सरकार ने ब्रिटि’श सर’कार के समय से चली आ रही इस छू’ट को 2029 तक यानी 10 साल तक के लिए बढ़ा दिया है। केंद्र सरकार ने श’स्त्र क़ा’नून के अंत’र्गत जारी निय;मों में कु’र्ग कोडवा समु’दाय को यह छू;ट प्रदा’न की है।

ग़ौरतलब है कि फी’ल्ड मा’र्शल के.एम करिअप्पा और जनरल के.एस थिमैया कु’र्ग समु’दाय से ही थे। जिन्होंने भारतीय से’ना का कुशल नेतृ’त्व किया है। गृह मंत्रा’लय के एक अधि’कारी ने बताया कि कोडवा समु’दाय को अंग्रेजी शा’सन के समय से ही यह छू’ट मिली हुई थी क्योंकि उन्होंने कभी भी अपने आ’ग्नेया’स्त्रों का उपयोग किसी आप’राधिक, रा;ष्ट्र विरो’धी, या राज्य विरो’धी गतिवि’धियों में नहीं किया है।