दूसरे सेमी फाइनल में इंग्लैंड ने भारत को दस विकेट से हरा दिया. सेमी फाइनल में भारत की टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी लेकिन टीम ने बैटिंग और बोलिंग दोनों जगह मात खायी. इंग्लैंड के ओपनर्स ने शानदार बल्लेबाज़ी की और बिना विकेट कहिये ही 169 के लक्ष्य को पार कर लिया.

इस हार के पीछे क्या कारण है इसको लेकर बहस तेज़ हो गई है. सोशल मीडिया और मीडिया में जो बहस तेज़ है उनमें कुछ मुख्य बिंदु निकल कर आये हैं. सबसे पहली बात जो आ रही है वो ये कि भारतीय टीम में कुछ खिलाड़ियों को क्यूँ खिलाया गया या क्यूँ हटाया गया, समझ से परे है. पूरे टूर्नामेंट में दिनेश कार्तिक बतौर विकेट कीपर नज़र आये लेकिन सेमी फाइनल में उनको हटा दिया गया. इसके अलावा गेंदबाज़ी क्रम के चुनाव पर भी लोगों ने सवाल किया है. बल्लेबाज़ी करते वक़्त भारत ने शुरू के ओवरों में बहुत धीमी बल्लेबाज़ी की.

दूसरा पॉइंट ये आ रहा है कि रोहित शर्मा बल्ले से तो नाकाम ही रहे, उनकी कप्तानी भी आलोचना का कारण बन रही है. उन्होंने जिस तरह से टीम का चुनाव किया और जिस तरह से फ़ील्ड सेट की और गेंदबाज़ों को बदला, उसकी काफी आलोचना हुई. भारतीय टीम शुरू में काफी स्लो खेली इसको लेकर भी स्ट्रेटेजी समझ नहीं आयी.

पिच पढने में ग़लती भी एक पॉइंट निकल कर आ रहा है. ऐसा लगता है कि भारतीय टीम से पिच को रीड करने में ग़लती हुई और उसे लगा कि 160 प्लस का स्कोर उसे मैच जीता देगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इंग्लैंड की बैटिंग को देखें तो लगता है कि इस पिच पर 200 का लक्ष्य भी कम रहता. रोहित शर्मा ने कम लक्ष्य का पीछा करते समय भी मुहम्मद शमी और भुवनेश्वर को शुरू में ज्यादा बोलिंग नहीं कराई जबकि वो विकेट लेने में सक्षम गेंदबाज़ माने जाते हैं.

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