समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खाँ की मुश्किलें कम होती नज़र नहीं आरही है,आज़म खाँ की सियासी पारी के लिये आज का दिन बेहद अहम है,साल 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खान के खिलाफ हे,ट स्पीच का एक मामला दर्ज किया गया था, 27 अक्टूबर को इस मुकदमे में रामपुर एमपी एमएलए कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी. हेट स्पीच के इस मामले में सुनवाई पूरी हो गयी है।

पहले इस केस में फैसला सुनाने के लिये अदालत ने 21 अक्तूबर की तारीख दी थी,लेकिन, आजम खान की तरफ से लिखित बयान देने के लिए समय की मांग की गयी, उसके बाद अदालत ने फैसले की तारीख 27 अक्टूबर तय कर दी थी,यदि इस मामले में आज़म खाँ को सज़ा होती है तो उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो जायेगी,हालाँकि हे,ट स्पीच से जुड़े मामले 2010 के बाद से बढ़े हैं लेकिन आज तक किसी भी जन प्रतिनिधि को इस मामले में स,ज़ा नही हुवी है।

गौर तलब रहे कि आजम खान के खिलाफ हे,ट स्पीच की शिकायत चुनाव आयोग से आकाश सक्सेना ने ही की थी, आकाश सक्सेना इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में रामपुर से आजम खान के खिलाफ भाजपा के टिकट पर लड़ चुके हैं,रामपुर के मिलक था,ने में आजम खान के खि,लाफ जो एफ़आईआर (FIR) दर्ज की गयी थी।

वहीं इस मामले में दर्ज शिकायत पर भी सवाल उठ रहे है क्युंकि जिस बयान को आधार बना कर ये मुकदमा दर्ज किया गया था उसमें आज़म ने एक चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि “मोदी जी आपने हिन्दुस्तान में ऐसा माहौल बना दिया कि मुसलमानों का जीना दूभ,र हो गया है, जो कांग्रेस का कैण्डिडेट खड़ा हुआ है वह सिर्फ मुसलमानों में वोट न मांगे कुछ हिन्दू भाइयों में भी जाकर वोट मांगे, सारा दिन मुसलमानों में वोट मांग रहे हो ताकि मुसलमानों का वोट काटकर भाजपा को जिता सको।

ज्ञात रहे कि जन प्रतिनिधियों के लिये बनाये गये कानून के मुताबिक अगर किसी भी सदस्य को 2 साल से ज़्यादा की स,ज़ा सुनाई जाती है तो उसकी सदस्या समाप्त कर दी जायेगी,जबकि आज़म खाँ के खि,लाफ़ दर्ज मामले में अधिकतम 3 साल की स,ज़ा का प्रावधान है,खैर जो भी हो आज शाम तक रामपुर की तस्वीर साफ हो जायेगी।

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