अयोध्या रिव्यू पिटिशन से पहले मुस्लि’म पक्ष का बड़ा फ़ैसला, राजीव धवन को..

December 3, 2019 by No Comments

अयोध्या मामले में रिव्यु याचिका डालने को लेकर अभी भी मुस्लिम पक्ष की ओर से विचार किया जा रहा है. कहा जा रहा है कि याचिका तैयार है और समय से पहले किसी भी दिन डाली जा सकती है. इस बीच ऐसी ख़बर आ रही है कि मुस्लिम पक्ष ने राजीव धवन को इस केस से हटा दिया है. अब जमीयत-उलेमा-ए हिंद की तरफ से अयोध्या भूमि विवाद में आए फैसले के खिलाफ दायर रिव्यू पिटिशन में धवन बहस का हिस्सा नहीं होंगे.

इस विषय पर धवन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट भी लिखी है. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि उन्हें बाबरी मस्जिद मामले में एडवोकेट एजाज मकबूल द्वारा बर्खास्त किया गया है जो जमीयत का प्रतिनिधित्व कर हैं. अधिवक्ता राजीव धवन ने कहा,”अब रिव्यू पिटिशन या इस मामले में किसी भी सुनवाई में मैं शामिल नहीं हूं. मुझे सूचित किया गया है कि श्री मदनी ने संकेत दिया था कि मुझे मामले से हटा दिया जाए, क्योंकि मैं अस्वस्थ हूं.”

उन्होंने कहा कि यह बिलकुल बकवास है.जमीयत को ये हक है कि वो मुझे केस से हटा सकते है लेकिन वजह दी गई है वो गलत है. बता दें कि अयोध्या जमीन विवाद की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की तरफ वकील राजीव धवन की खासी चर्चा रही थी. राजीव धवन सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील हैं. राजीव के पिता शांति स्वरूप धवन न्यायाधीश, यूके में भारत के राजदूत, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और लॉ कमीशन के सदस्य रह चुके हैं. आपको बता दें कि राजीव ने इलाहाबाद और नैनीताल से शुरुआती पढ़ाई की थी.

इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय, कैंब्रिज विश्वविद्यालय और लंदन विश्वविद्यालय से पढ़ाई की. वे इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट के भी प्रोफेसर हैं. 1992 में मंडल और फिर 1994 में अयोध्या मामले में उनकी जिरह से प्रभावित होकर उन्हें सुप्रीम कोर्ट का वरिष्ठ वकील बनाया गया था. बतौर वकील धवन को बहुत सम्मान दिया जाता है. इस केस में भी उन्होंने शानदार बहस की.