अमित शाह का बड़ा दांव, बंगाल में ममता के खिलाफ इन 5 पार्टियों से मिलाया हाथ…

December 26, 2020 by No Comments

पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते राज्य में सियासत गरमाने लगी है भारतीय जनता पार्टी पूरा जोर लगा रही है कि इस बार राज्य में ममता बनर्जी को मात दी जा सके। बताया जा रहा है कि बीते साल भाजपा ने दार्जिलिंग लोकसभा और विधानसभा दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी। लेकिन कई लोगों का मानना है कि अगर भाजपा क्षेत्र के लोगों के लिए कोई ठोस उपलब्धि हासिल नहीं कर पाई है। जिसके चलते इस क्षेत्र में उन्हें अपनी साख बचाना मुश्किल हो जाएगा।

पहले से ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि पहाड़ की तीनों सीटों पर साल 2021 में किसका कब्जा होने वाला है। लेकिन अचानक इस सवाल का उत्तर बदल गया है। क्योंकि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने तृणमूल कांग्रेस को अपना समर्थन देने का फैसला ले लिया है। बताया जा रहा है कि अब टीएमसी को गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के दो नेताओं का समर्थन मिलने के बाद स्थिति बेहतर हुई है। वहीं भाजपा ने पांच क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन कर लिया है। ये पांच पार्टियां हैं –जीएनएलएफ, सीपीरएम, अखिल भारतीय गोरखा लीग, गोरखालैंड राज्य निर्माण मोर्चा और सुमेती मुक्ति मोर्चा।

साल 2021 में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में अलग गोरखालैंड अब मुख्य मुद्दा नहीं रहा। अगली बार का चुनाव दो मांगों पर ल’ड़ा जाएगा। पहला, हिल-तराई क्षेत्र के लिए कोई स्थायी राजनीतिक समाधान और दूसरा, 13 पहाड़ी समुदायों को आदिवासी का दर्जा देना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को आश्वासन दिया है कि उनकी ये मांगे बीजेपी पूरा करेगी।

दार्जिलिंग हिल्ज़ में विधानसभा की छह सीटें हैं और इनमें से टीएमसी के पास एक सीट है जबकि बीजेपी के पास कोई सीट नहीं है। सीपीआईएम के पास एक, जीजेएम के पास दो जबकि शेष सीट पर कांग्रेस का क़ब्ज़ा है। गोरखा समुदाय का आसपास के मैदानी क्षेत्र में भी प्रभाव है। जीएजएम के दार्जिलिंग से दो विधायकों ने 2016 के बाद बीजेपी को अपना समर्थन दिया पर अब गुरुंग ने अपना समर्थन वापस ले लिया है।

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