CAA प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, योगी सरकार को दिया झटका…

December 21, 2020 by No Comments

उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ योगी सरकार ने बीते साल मोदी सरकार द्वारा लाए गए ना’गरि’कता सं’शोध’न कानून और ए’नआर’सी के खि’लाफ विरो’ध प्रदर्शनों में शामिल हुए प्र’दर्शन’कारियों के खि’लाफ जो मुकदमा दर्ज किए थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले पर बड़ा फैसला सुनाया है।

दरअसल योगी सरकार द्वारा प्र’दर्शन’कारि’यों के खिलाफ उठाए गए इस कदम के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। यह याचिका एजाज अहमद और अन्य की तरफ से दाखिल की गई है। इस मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार से जवाब मांगा है। इसके साथ ही अगली सुनवाई तक यात्रियों के उ’त्पी’ड़’न पर भी रोक लगा दी गई है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में ना’गरिक’ता सं’शो’धन का’नून के वि’रो’ध में प्रदर्शन करने वालों में याचिकाकर्ता सहित 26 और 50 अज्ञात लोगों के खि’लाफ गं’भी’र धाराओं में मुकदमा दर्ज है।

नागरिकता सं’शोधन कानून और एनआरसी का वि’रो’ध प्रदर्शन करने वालों के खि’लाफ योगी सरकार द्वारा ह’त्या का प्रयास, मा’रपी’ट, वि’धि वि’रुद्ध जमा’व और सात क्रि’मि’नल लॉ अमेंडमेंट की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। इस मामले पर याचिकाकर्ता का कहना है कि वह मौके पर मौजूद नहीं थे। आपको दें कि मोदी सरकार द्वारा ना’गरि’कता सं’शो’धन कानून और ए’नआ’रसी को लाए गए एक साल हो चला है। केंद्र सरकार द्वारा 11 दिसंबर 2019 को ना’गरिकता सं’शो’धन कानून पास किया गया था। जिसके बाद देश भर में इसके जमकर वि’रो’ध किया गया था। दिल्ली के शाहीन बाग और अन्य हिस्सों में भारी तादाद में वि’रो’ध प्रदर्शन किए गए थे।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का घंटाघर और प्रयागराज पार्क का आंदोलन तो कोरोना के लॉकडाउन शुरू होने के बाद ही ख’त्म हो सका। सीएए और ए’नआ’रसी के खि’लाफ एक बड़ी हिं’सा भी दिखी। काफी जगह तो’ड़फो’ड़, आ’गज’नी हुई। इस दौरान मीडिया वै’न ज’लाई गई, पुलिस पर ह’मले हुए, प’थरा’व किया गया। यह हिं’सा लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में फैली। 19 दिसंबर से 10 जनवरी तक चले हिं’सा के इस दौर में 23 लोगों की जा’नें भी गईं।

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