अकोला के तारिक़ फ़ैज़ ने किया कुछ ऐसा कि पूरे देश में बन गयी पहचान

November 6, 2019 by No Comments

युवाओं की पहचान ही होती है ली’क से ह’टकर काम करना। आ’ख़िर कोई युवा अपनी नयी राह नहीं बनाएगा तो फिर कौन बनाएगा? युवा जोश और जज़्बा कुछ ऐसा होता है जो कुछ भी कर जाने का जूनून देता है। एक ऐसे ही युवा के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जिनकी तारीफ़ ख़ुद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने की थी। जी हाँ अकोला के तारिक़ फ़ैज़ ने काम ही कुछ ऐसा किया कि देश भर में उनकी पहचान बन गयी।

तारिक़ फ़ैज़ ने एक ऐसा गीत लिखा जो समाज में चु’प्पी साधे जाने वाले एक मु’द्दे की ओर जा’गरूकता लाता है। ये गीत लिखा गया है महिलाओं के मासिक चक्र पर, जी हाँ, तारिक़ फ़ैज़ ने एक गीत लिखा महिलाओं के मेन्स्ट्रूअल साइकल पर। अगर आप सोच रहे हैं कि इस विषय पर लिखने का विचार तारिक़ को कैसे आया तो हम बता दें कि ये गीत लिखा गया मेन्स्ट्रूअल डे के अवसर पर लोगों में जा’गरूकता लाने के लिए। पहले तो तारिक़ भी इस गीत को लिखने में हि’चक रहे थे लेकिन फिर उन्हें लगा कि अगर वो भी पीछे ह’टेंगे तो ये कैसे मु’मकिन होगा आ;ख़िर किसी न किसी को तो आगे ब’ढ़ना ही होगा।

Devendra Fadnavis- Tariq Faiz

बस तारिक़ ने उस NGO के इस ऑफ़र को माना और लिखी ऐसी पंक्तियाँ कि ख़ुद देवेंद्र फडनवीस ने शे’यर किया उनका ये गीत और की तारिक़ की तारीफ़। तारिक़ की लिखी ये पंक्तियाँ हैं “ख़ू’न जि’स्म में बहे तो बस जा’न चले, ख़ू’न जि’स्म से निकले तो ये जहाँ चले”। इन पंक्तियों से तारिक़ ने मेन्स्ट्रूअल साइकल के महत्व को बताया कि न सिर्फ़ ये एक महिला की सेहत का प्रतीक है बल्कि दुनिया में एक नन्हीं जा’न के आने की वज’ह भी है। अकोला निवासी तारिक़ MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं और इसके साथ ही वो संगीत की ओर भी ख़ासी रुचि रखते हैं यही नहीं वो देश भर में जगह- जगह शो करते हैं और अपनी पढ़ाई भी अच्छी तरह कर रहे हैं।

Tags: