5 साल के अन्दर प्रमिला को मिलीं 9-9 सरकारी नौकरियाँ, नहीं करतीं हैं किसी..

January 18, 2021 by No Comments

ज़िन्दगी में मुश्किलें तो आती ही हैं लेकिन आप संघर्ष करते रहें तो आप सफल ज़रूर होंगे. कहावत भी है कि ‘मेहनत करें, सफलता आपके क़दम चूमेगी’. बहुत से लोग बहुत कुछ पाने की चाह रखते हैं लेकिन बहुत कम ऐसे हैं जो इस चाहत के लिए वो संघर्ष करते हैं जिसकी दरकार है. प्रमिला नेहरा एक उदाहरण हैं उन लोगों के लिए जो संघर्ष करने में रूचि रखते हैं. शादी के बाद पाँच साल के अन्दर उन्हें 1-2 नहीं बल्कि 9 सरकारी नौकरियों में जाने का मौक़ा मिला. उन्होंने 9 बार सफलता की सीढ़ी चढ़ी.

प्रमिला नेहरा (Pramila Nehra) सीकर जिले के सीहोट गाँव की रहने वाली हैं। प्रमिला ने सबसे पहले 2015 में तृतीय श्रेणी भर्ती परीक्षा में राज्य भर में 28वीं रैंक प्राप्त की, तो वही 2017 में आरपीएससी की सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में प्रमिला ने राज्य भर में 22वीं रैंक के साथ सफलता हासिल की। बात अगर 2018 की जाए तो प्रमिला राज्य लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की ओर से आयोजित स्कूली व्याख्याता भर्ती परीक्षा में फिर सफल हुईं और राज्य भर में 9वीं रैंक प्राप्त की।

इसके बाद राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा, पटवार भर्ती परीक्षा, ग्राम सेवक भर्ती परीक्षा, एसएससी जीडी, राजस्थान उच्च न्यायालय लिपिक भर्ती व आरपीएससी लिपिक भर्ती, महिला व बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा व सीटेट में भी सफलता का परचम लहराया।

प्रमिला का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ. पिता किसान हैं तो माँ गृहणी हैं. ऐसे में संघर्ष बढ़ जाता है. घर में पैसे की कमी हो और आपके सपने बड़े हों तो समस्याएं भी बढ़ जाती हैं. पढ़ाई लिखाई हुई और उसके बाद इनकी शादी हो गई. इनके सफलता की इस राह में सबसे ख़ास बात यह है कि इन्होंने जो भी परीक्षाएँ पास की हैं वह शादी के बाद की हैं।

वैसे तो लड़कियाँ शादी के बाद कई सारी जिम्मेदारियों में उलझ कर रह जाती हैं और अपने करियर पर फोकस नहीं कर पाती। वहीं दूसरी ओर प्रमिला शादी के बाद भी अपनी सारी जिम्मेदारियों को निभाते हुए सफलता हासिल की। प्रमिला के इस सफ़र में उनके परिवार का भी काफ़ी सहयोग रहा। प्रमिला के पति राजेंद्र रणवां जो बोदलासी के निवासी हैं और दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। शादी के बाद प्रमिला के पति और सास-ससुर का इन्हें भरपूर सहयोग मिला। प्रमिला के भाई महेश नेहरा जो राजस्थान पुलिस में कार्यरत हैं, उन्होंने प्रमिला का बेहतर ढंग से मार्गदर्शन किया।

प्रमिला अपने गाँव से स्कूल तक रोज़ चलकर जाया करती थीं. उनका स्कूल उनके गाँव से तीन किलोमीटर की दूरी पर था. प्रमिला ने अंग्रेज़ी विषय में पीजी की डिग्री हासिल की है, जिसमें उन्होंने काफ़ी अच्छे अंको से उत्तीर्ण किया है। परीक्षाओं की तैयारी में ख़लल न पड़े इसलिए उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बना रखी है. उन्होंने अपने फ़ोन से व्हाट्सएप को भी अनइनस्टॉल कर दिया था ताकि उनका टाइम वेस्ट ना हो। सिर्फ़ घरवालों के साथ बातचीत करने के लिए वह एक कीपैड वाले फ़ोन का इस्तेमाल करती थी।

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